गोरखपुर। धर्म शास्त्रों के अनुसार इस साल मकर संक्रांति का पर्व शुक्रवार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। उस दिन देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु गुरु गोरक्षनाथ को खिचड़ी चढ़ाएंगे। बावजूद इसके परंपरागत ढंग से हर साल 14 जनवरी को खिचड़ी का त्योहार मनाने वाले श्रद्धालुओं ने वृहस्पतिवार को ही खिचड़ी का त्योहार मनाया।
भारी संख्या में श्रद्धालु सुबह स्नान ध्यान करने के बाद बाबा को खिचड़ी चढ़ाने के लिए कतार में लग गए। मंदिर का कपाट खुलते ही गुरु गोरक्षनाथ के जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान हो गया। सुबह शुरू हुआ खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला शाम चार बजे तक चलता रहा।
पूर्वांचल ही नहीं बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का मानना है कि मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को ही मनाया जाता है। यह पर्व हर साल एक ही तिथि पर मनाया जाता है। इसी नाते दूर-दराज के लोग 13 जनवरी को ही मंदिर परिसर में एकत्रित होने लगे थे।
आसपास के क्षेत्रों से बहुत से लोग विभिन्न साधनों से मंदिर पहुंच गए। इस बीच सुबह ही हजारों की संख्या में भक्त बाबा को खिचड़ी चढ़ाने के लिए कतार में लग गए। मंदिर का कपाट खुलने के साथ ही शुरू हुआ खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला दो बजे तक भारी भीड़ के साथ चलता रहा। बाद में श्रद्धालुओं की भीड़ कम जरूर हुई पर शाम तक खिचड़ी चढ़ती रही। मंदिर और प्रशासन की तरफ से चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी।
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा था। मंदिर परिसर के अंदर और बाहर चप्पे -चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैदी से जमे रहे। दर्शन में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए अलग-अलग लाइन लगवाई गई थी।