नगर आयुक्त के प्रयास के बाद नगर निगम बोर्ड बैठक में सभी अधिकारी और विभागाध्यक्ष शामिल हुए। इसके साथ ही कार्यकारिणी के रिक्त हुए छह पदों के लिए सदस्यों का निर्वाचन हो गया। भाजपा के वाकओवर दे देने से सपा के चारों प्रत्याशियों ने जीत हासिल कर ली। भाजपा की तरफ से घोषित एक प्रत्याशी ने पर्चा ही नहीं भरा और दूसरे ने भरने के बाद पर्चा वापस ले लिया। आखिरकार समाजवादी पार्टी के चारों उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर ली। इसके बाद चुनाव अधिकारी बृजेश सिंह ने छह प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।
पिछली बोर्ड बैठक में पार्षदों के व्यवहार से सहमे नगर निगम के अधिकारियों और विभागाध्यक्षों ने नगर आयुक्त से उन्हें बोर्ड बैठकों से मुक्त रखने की मांग की थी, लेकिन नगर आयुक्त द्वारा सुरक्षा के आश्वासन के बाद निगम के सभी अधिकारी बैठक में शामिल हुए। इसके बाद बुधवार को मेयर डॉ. सत्या पांडेय की अध्यक्षता में तय समय पर नगर निगम बोर्ड की बैठक शुरू हुई। सुरक्षा के लिहाज से नगर निगम परिसर में भारी संख्या में पुलिस तैनात थी। निर्धारित समय पर बोर्ड की बैठक में कार्यकारिणी के रिक्त हुए पदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई और छह सदस्यों के निर्विरोध निर्वाचन के साथ बैठक समाप्त हो गई।
हालांकि रविंद्र प्रताप सिंह राजू ने दावेदारी पेश कर कुछ देर तक चुनाव वाली स्थिति बना दी थी, लेकिन बाद में पर्चा वापस लेने के बाद सभी सदस्यों का निर्वाचन निर्विरोध हो गया। बैठक में नगर आयुक्त राजेश कुमार त्यागी, चुनाव अधिकारी व लेखाधिकारी बृजेश सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रबीश चंद्र, सहायक नगर आयुक्त स्वर्ण सिंह समेत सभी विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी मौजूद थे।
इन सदस्यों का हुआ निर्विरोध निर्वाचन
समाजवादी पार्टी- मनोज सिंह, संजय यादव, चंद्रभान प्रजापति और अमीरुद्दीन अंसारी
भाजपा-रमेश प्रताप गुप्ता और धर्मदेव चौहान
नाम तय होने के बाद विजय लक्ष्मी ने इंकार कर दिया
दो साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद छह सदस्य कार्यकारिणी से बाहर हो गए थे। इसके बाद रिक्त हुए इन पदों पर आयोजित चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने छह और भाजपा ने तीन प्रत्याशियों को उतारने की घोषणा की थी, लेकिन भाजपा की ओर से घोषित प्रत्याशियों में से विजय लक्ष्मी शुक्ला ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया वहीं रविंद्र प्रताप सिंह राजू ने मैदान में उतरने के बाद पर्चा वापस ले लिया।
राजू को मनाने लगे रहे दोनों दलों के पार्षद
चुनाव में उतरने की घोषणा के बाद रविंद्र प्रताप सिंह राजू को भाजपा और सपा के पार्षदों ने मनाना शुरू कर दिया। उन्हें अपने एक-एक दबंग प्रत्याशियों के हारने की आशंका होने लगी। दोनों दलों ने अगली कार्यकारिणी में हर हाल में चुने जाने के आश्वासन देकर राजू को मनाया। हालांकि रविंद्र प्रताप राजू ने पार्टी के फैसले के बाद प्रत्याशी के चुनाव न लड़ने पर सवाल उठाया।
अगला उप सभापति सपा से बनना तय
सपा के चार सदस्य चुने जाने के बाद नगर निगम का अगला उप सभापति पार्टी का होना लगभग तय हो गया है। छह रिक्त हुए पदों में से चार पर कब्जा जमाने के बाद कार्यकारिणी में सपा के आठ सदस्य हो गए हैं। इनमें अजय राय, मनीष सिंह, मोहम्मद अख्तर, श्याम यादव, मनोज सिंह, संजय यादव, चंद्रभान प्रजापति और अमीरुद्दीन अंसारी हैं। वहीं भाजपा के सदस्यों में मनु जायसवाल, आशा श्रीवास्तव, धर्मदेव चौहान, रमेश प्रताप गुप्ता शामिल हैं।
नवंबर में सपा के अजय राय, मनीष सिंह, मोहम्मद अख्तर और श्याम यादव तथा भाजपा के आशा श्रीवास्तव और मनु जायसवाल (उपसभापति) कार्यकारिणी से बाहर हो जाएंगे। फिर से होने वाले चुनाव में भाजपा और सपा के तीन-तीन प्रत्याशियों की जीत की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता भी है तो सपा के सात और भाजपा के मात्र पांच सदस्य रह जाएंगे। ऐसे में नया उप सभापति चुना जाएगा, जिसमें सपा के प्रत्याशी की जीत तय है। 18 अक्टूबर को वर्तमान उप सभापति का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।