यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट परीक्षा में फेल होने पर गुमसुम रहने वाली छात्रा की फांसी लगाने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कलवारी थाना क्षेत्र के बैड़ारी मुस्तहकम निवासी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि 18 वर्षीय बेटी खुशबू ने कक्षा 12 की परीक्षा दी थी। 27 अप्रैल को घोषित नतीजे में फेल होने के बाद से ही खामोश और गुमसुम रहने लगी थी। घर वाले उसे समझाते रहे। हर प्रकार से प्रोत्साहित किया जाता रहा लेकिन उसके चेहरे की खुशी गायब सी हो गई थी।
बुधवार की रात परिवार के सभी लोग भोजन करने के बाद सो गए। बृहस्पतिवार को सुबह जब जगे तो देखा कि खुशबु घर में लगे बड़ेर से रस्सी का फंदा गले में लगाकर झूल रही थी। उसके शरीर में किसी प्रकार की हरकत नहीं हो रही थी। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। थानाध्यक्ष जयप्रकाश दुबे ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के लिए शव भेजा गया है। मौत का सही कारण रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा है परिवार
12वीं की छात्रा रही खुशबू का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। उसके आत्महत्या करने का सबसे बड़ा कारण भी यही था। राजेंद्र प्रसाद के अनुसार जब बेटी फेल हो गई तो बार-बार यही कह रही थी कि घर में दो जून की रोटी का इंतजाम ही नहीं है तो अब मुझे फेल होने के बाद फिर कैसे पढ़ाएंगे। बेटी के इस कदम से स्तब्ध राजेंद्र ने बताया कि घर झोपड़ी का है।
बताया कि बड़े बेटे 40 वर्षीय राजकुमार की शादी हो गई तो वह अलग रहने लगा है। बड़ी बेटी 22 वर्षीय पूजा की भी शादी हो गयी है। झोपड़ी में पत्नी निर्मला व बेटे रमेश (29) तथा उमेश (25) व बेटियां खुशबू और बेटी 15 वर्षीय लाली के साथ रहते हैं। इस हालत में पढ़ाई करा रहे थे लेकिन खुशबू फेल होने से खामोश हो गई और बृहस्पतिवार सुबह बड़ेर से रस्सी के फंदे से फांसी लगा ली। समझाने का उस पर कोई असर नहीं पड़ा।