यूपी के बजट में गोरखपुर के कई तोहफे मिले हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज को सुपर स्पेशियलिटी का दर्जा दिए जाने के साथ ही बर्न यूनिट को उच्चीकृत करने का प्रावधान किया गया है। आधुनिक सुविधा-संसाधनों से लैस अंतरराष्ट्रीय ऑडिटोरियम के लिए भी बजट मिला है। सड़क, पानी, बिजली, खेती, किसानी और सिंचाई की तमाम परियोजनाएं भी स्वीकृत हुई हैं। सरकार के एक जिला-एक उत्पाद में गोरखपुर के टेराकोटा को भी जगह मिली है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे से जिले के विकास की गति तेज होने की उम्मीद है। इसी एक्सप्रेस-वे के आसपास औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने की योजना है। छुट्टा पशुओं के लिए नौ एकड़ में पशुबाड़ा बनाने को स्वीकृति मिली है। इस पर चार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
1250 सीट का होगा प्रेक्षागृह
रामगढ़ताल के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रेक्षागृह बनाया जाना है। इसके लिए 29.50 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। आधुनिक सुविधा-संसाधनों से लैस प्रेक्षागृह में 1250 सीटें होंगी। यह शहर का पहला बड़ा सरकारी प्रेक्षागृह होगा। इसमें मीडिया सेंटर, पार्किंग की बेहतर व्यवस्था रहेगी। इसका निर्माण 3.54 एकड़ में कराया जा रहा है। निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य फरवरी 2020 तक पूरा किया जाना है।
टेराकोटा को मिली संजीवनी
भटहट विकास खंड के औरंगाबाद के टेराकोटा शिल्प को संजीवनी मिल गई है। मिट्टी से निर्मित इस शिल्प के उत्पाद को अब सरकार प्रोत्साहित करेगी। इसे एक जिला-एक उत्पाद परियोजना में जगह मिली है। इसके लिए सरकार ने 250 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। इससे औरंगाबाद के किसान और टेराकोटा शिल्प से जुड़े लोग उत्साहित हैं। लक्ष्मी चंद का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वजह से इस उद्योग को पहचान मिली है। भविष्य में टेराकोटा शिल्प से बने उत्पादों की मांग जरूर बढ़ेगी।
तीन लाख 55 हजार विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा
गोरखपुर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले तीन लाख 55 हजार विद्यार्थियों को यूपी सरकार की निशुल्क शिक्षा योजना का लाभ मिलेगा। जिले में 2151 प्राथमिक और 836 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन्हीं विद्यार्थियों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत संचालित अलग-अलग योजनाओं का लाभ मिलना है। माध्यमिक शिक्षा के लिए भी बजट आवंटित किया गया है।
आग से महफूज होगा बीआरडी, बनेगा सुपर स्पेशियलिटी विभाग
बीआरडी मेडिकल कॉलेज को प्रदेश सरकार की ओर से जारी बजट नई संजीवनी देगा। इससे न सिर्फ मेडिकल कॉलेज आग से महफूज होगा बल्कि सुपर स्पेशियलिटी विभाग के निर्माण से मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा भी मिलेगी। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के फेज-3 के तहत झांसी, गोरखपुर, इलाहाबाद और मेरठ मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत सुपर स्पेशियलिटी विभाग बन रहे हैं। इसके साथ ही कानपुर एवं आगरा मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी विभाग बनाए जाएंगे। इस मद में प्रदेश सरकार ने बजट में 126 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। कानपुर, गोरखपुर, आगरा और इलाहाबाद राजकीय मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट की स्थापना के लिए भी 14 करोड़ रुपये की व्यवस्था करके प्रदेश सरकार ने मरीजों को राहत दी है। इससे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आग से झुलसे मरीजों को बेहतर इलाज मयस्सर हो सकेगा। वहीं, दो बार अग्निकांड झेल चुके बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अग्निशमन के इंतजाम बेहतर बनाने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार ने राजकीय मेडिकल कालेजों एवं संस्थानों में फायर फाइटिंग और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
स्वास्थ्य सेवाओं की सेहत सुधारने की कोशिश
बजट में पीपीपी मोड पर 170 नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन करने का निर्णय लेकर सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की सेहत सुधारने की कोशिश की है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 100 नए आयुर्वेदिक चिकित्सालयों की स्थापना का लक्ष्य तय करके सरकार ने गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुलभ कराने की मंशा जाहिर की है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए भी 291 करोड़ रुपये की बजट तय किया गया है।