बिना पार्किंग या पार्किंग का इस्तेमाल न करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानाें पर शिकंजा क सने की तैयारी हो चुकी है। इस संबंध में गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने जिन 53 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया था, उनक ा दोबारा सर्वे कराया जाएगा। जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास पार्किंग नहीं थी उन्हें 15 दिन और जिनके पास पार्किंग थी मगर वे उसका इस्तेमाल नहीं कर रहे थे, उन्हें सात दिन की मोहलत दी गई थी। नोटिस पीरियड खत्म होने के बाद अब कार्रवाई होगी।
प्राधिकरण के मुताबिक जिन्हें नोटिस भेजा गया है उनमें से ज्यादातर ने नोटिस का जवाब देकर खामियां दुरुस्त कर लेने की बात कही है। अब दोबारा सर्वे कराकर यह देखा जाएगा कि प्रतिष्ठानों ने कागजों में जो जवाब दिए हैं वह मौके की स्थिति से मेल खाते हैं या नहीं। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शिव श्याम मिश्रा ने बताया कि 8 फरवरी से प्रतिष्ठानों का सर्वे का कार्य शुरू किया जाएगा। किसी प्रतिष्ठान ने चिह्नित खामियों को दूर नहीं किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्हें सील भी किया जा सकता है।
बता दें कि प्राधिकरण की तरफ से कराई गई जांच में कई ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान मिले जिनके पास पार्किंग तो है लेकिन उसका व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्किंग कीजगह दुकानें बना ली गईं या उनका इस्तेमाल गोदाम के तौर पर किया जा रहा है। कई ऐसे भी प्रतिष्ठान भी हैं जिन्होंने ले-आउट के मुताबिक पार्किंग ही नहीं बनाई।
नार्सिंग होम पर भी शिकंजा कसने की तैयारी
शहर में तमाम ऐसे नर्सिंग होम हैं जिनके पास पार्किंग नहीं है। जीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि सर्वे कराकर ऐसे सभी नर्सिंग होम को चिह्नित किया जाएगा। उन्हें भी नोटिस जारी कर सुधार के लिए मोहलत दी जाएगी। तय समय के बाद भी अगर खामियां दुरुस्त नहीं हुईं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं प्राधिकरण से पूर्णता सर्टिफि केट नहीं लेने वाले नर्सिंग होम पर भी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक करीब चार साल पहले हुई जांच में पाया गया था कि शहर के करीब 80 नर्सिंग होम ने अभी तक पूर्णता का सर्टिफिकेट जमा नहीं किया है।