बैंक की लापरवाही से जीडीए को 2.78 करोड़ का झटका
गोरखपुर। आंध्रा बैंक की गलती से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को 2.78 करोड़ रुपये की चपत लग गई। बैंक को फ्लेक्सी एकाउंट में पड़ी जीडीए की रकम को एफडी में परिवर्तित करना था मगर ऐसा नहीं किया गया। प्राधिकरण के वित्त विभाग की तरफ से की गई ऑडिट में यह मामला खुला जिसके बाद उपाध्यक्ष ए. दिनेश कुमार ने बैंक प्रबंधक को पत्र लिखकर रकम की प्रतिपूर्ति की मांग की है।
जीडीए के भवन में संचालित होने वाले आंध्रा बैंक की तारामंडल शाखा में वर्ष 2014-15 से जीडीए के सात फ्लेक्सी एकाउंट संचालित हो रहे हैं। नियम के अनुसार 25 हजार रुपये तक की रकम एकाउंट में होने पर सेविंग एकाउंट के बराबर करीब 3.5 फ ीसदी ब्याज मिलता है। इससे अधिक रकम होने पर पर उसे एफ डी के रूप में परिवर्तित कर दिया जाता है, जिससे एफ डी का ब्याज करीब छह फ ीसदी मिलता है। मगर इसी बीच बैंक ने जीडीए को बिना सूचना दिए ही 25 हजार रुपये की लिमिट को बढ़ाकर दो से आठ करोड़ के बीच कर दिया। इससे करीब चार साल तक जीडीए की तरफ से जमा रकम पर सेविंग एकाउंट के बराबर ही ब्याज मिलता रहा। जीडीए के वित्त विभाग के अफसरों की ऑडिट में पता चला कि प्राधिकरण को ब्याज के रूप में 2.78 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है।
कोट
प्राधिकरण की आंध्रा बैंक की शाखा के फ्लेक्सी एकाउंट में जमा की गई जिस धनराशि पर एफ डी का ब्याज मिलना चाहिए था उसपर भी बचत खाते के बराबर ब्याज मिलता रहा जिससे प्राधिकरण को करीब पौने तीन करोड़ का नुकसान हुआ है। प्रतिपूर्ति के लिए बैंक प्रबंधक को पत्र लिखा गया है।
- राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए