नगर में अब भी जगह-जगह दिखाई दे रहे गंदगी के ढेर
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शहर के विभिन्न इलाकों के निरीक्षण पर निकले अनिल कुमार शुक्रवार को सफाई व्यवस्था के सच से रूबरू हुए। यही नहीं, गत दिनों शहर में आए मुख्य सचिव राहुल भटनागर की टिप्पणी- शहर गंदा है पर भी उन्होंने वास्ता जताया और नगर आयुक्त पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। सूचना के बाद भी निरीक्षण के दौरान मौजूद न रहने और सफाई व्यवस्था चौपट मिलने पर कमिश्नर ने मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सतीश कुमार सिंह से जवाब तलब किया।
कमिश्नर दोपहर दो बजे के करीब शहर के निरीक्षण पर निकले थे। सबसे पहले पैडलेगंज-रुस्तमपुर फोरलेन पर पहुंचे। जी लिटेरा स्कूल के सामने फोरलेन की पटरी से लेकर काफी दूर तक कूड़े का लगा ढेर, उसमें से उठती दुर्गंध और सड़कों पर जानवरों का झुंड देख खफा कमिश्नर ने नगर आयुक्त पर नाराजगी जताई। कमिश्नर ने कहा कि कूड़े का ढेर यह तस्दीक कर रहा है कि यहां लंबे समय से कूड़ा गिराया जा रहा है।
नगर आयुक्त से पूछा कि शहर के बीच में फोरलेन के किनारे कूड़ा कैसे गिराया जा रहा है। इसपर नगर आयुक्त ने सफाई देते हुए कहा कि ठेकेदार को नोटिस दिया गया था। अब उसपर कार्रवाई भी की जाएगी। रुस्तमपुर में लोगों ने शिकायत की कि 10-10 दिन तक सफाईकर्मी ही नहीं आते हैं। चिलमापुर और भरवलिया बुजुर्ग के खाली प्लाटों में भी कूड़े का ढेर मिला। वहां से कमिश्नर ने गोलघर और विजय चौराहे आदि इलाकों का भी निरीक्षण किया। विजय चौराहे पर नालियों से निकाला गया कचड़ा वहीं एकत्रित मिला।
एडी स्कूल के सामने मुंह चिढ़ा रहा कूड़ा
गोरखपुर। एडी कन्या इंटर कालेज की प्रधानाचार्य द्वारा नगर आयुक्त, डीएम से लगायत कमिश्नर तक से कूड़े को लेकर शिकायत की गई थी। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब कमिश्नर की स्कूल के ठीक सामने कूड़े के ढेर पर नजर पड़ी तो उन्होंने निगम के अफसरों को कड़ी फटकार लगाते हुए जल्द कूड़ा हटवाने का निर्देश दिया।
निरीक्षण में सफाई व्यवस्था में काफी कमियां मिली हैं। लोगों ने यह भी बताया है कि कई दिनों तक सफाई कर्मी ही नहीं आते। पूर्व सूचना के बावजूद सफाई कर्मियों और निगम के अफसरों ने गंभीरता नहीं दिखाई जिस वजह से जगह-जगह गंदगी मिली। नगर स्वास्थ्य अधिकारी का अपने मातहतों पर कोई नियंत्रण नहीं है। सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल कुमार, कमिश्नर