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कोठी-अटारी वाले भी ले रहे समाजवादी पेंशन

Thu, 13 Apr 2017 12:50 AM IST
अरुण चन्द, अमर उजाला, गोरखपुर।
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सीएम योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पेंशन योजना
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कैंपियरगंज तहसील के जंगल कौड़िया गांव में समाजवादी पेंशन पाने वाली एक लाभार्थी के पास एक एकड़ से ज्यादा खेत है। जंगल कौड़िया चौराहे पर ही पति की दुकान है तो वहीं एक अन्य लाभार्थी के पास दो मंजिला मकान और चार पहिया वाहन भी है। थोड़ी ही दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत भरोहिया की दो लाभार्थी के घरों के लोग विदेश में नौकरी कर रहे हैं। गांव में पक्का मकान और लंबी चौड़ी खेती भी है। मझोना गांव के भी एक लाभार्थी के नाम डेढ़ एकड़ खेत तो दूसरे के पास पक्का मकान होने के साथ ही ट्रैक्टर-ट्राली भी है।
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यह तो सिर्फ बानगी है। बांसगांव, गोला, चौरीचौरा, बेलघाट, सरदारनगर, पिपराइच, गगहा समेत तकरीबन सभी 19 ब्लाकों के तमाम गांवों में सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों की संख्या में अपात्र लोग करीब दो साल से समाजवादी पेंशन का करोड़ों रुपये हजम करते आ रहे हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद अगर गंभीरता से जांच हुई तो जिले के जिन एक लाख चार हजार 656 लोगों को समाजवादी पेंशन मिल रही है उनमें से बड़ी संख्या में लोगों के नाम कट जाएंगे। 2012 में भी सूबे से मायावती की सरकार जाने के बाद सत्ता में आई सपा सरकार ने महामाया पेंशन योजना के पात्रों की जांच कराई थी। जांच में अपात्र पाए जाने पर 30 हजार से अधिक लोगों के नाम काट दिए गए थे।

जांच में मिले अपात्रों पर भी कार्रवाई नहीं
समाजवादी पेंशन के अपात्रों के बारे में कई बार शिकायतें भी हुई मगर प्रधान, सपा नेताओं के करीबी होने से कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहीं नहीं, कमिश्नर अनिल कुमार के निर्देश पर हाल ही में उप निदेशक अर्थ एवं संख्याधिकारी एए अंसारी ने पूरे मंडल में लाभार्थियों की रेंडम जांच की थी, जिनमें से नौ हजार से अधिक लोग अपात्र मिले थे। गोरखपुर में सर्वाधिक 5484 अपात्र मिले थे।
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समाजवादी पेंशन पा रही गोला तहसील से हाल ही में रिटायर हुए बड़हलगंज के बुढ़नपुरा गांव निवासी एक अधिकारी की बहू के खिलाफ तहसील में शिकायत हुई थी। उन्हें विभाग से पेंशन मिल रही है तो बहू को समाजवादी पेंशन। बेटा, मुंबई में एक बड़ी कंपनी में नौकरी करता है। गांव में पक्का मकान तो है ही, कई एकड़ खेती भी है। मगर अफसराें के बीच अच्छी पैठ की वजह से शिकायत दबा दी गई। चिल्लूपार गांव में एक पूर्व प्रधान के चाचा की पत्नी के खिलाफ भी शिकायत हुई थी, मगर सपा सरकार के जाने तक उनके बैंक खाते में पेंशन की रकम आती रही।
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