गोरखनाथ अस्पताल से 1.62 लाख रुपये की जालसाजी का मामला सामने आया है। अस्पताल के क्षय रोग विभाग में आधुनिक उपकरण की सप्लाई के नाम पर महाराष्ट्र की एक कंपनी के अधिकारी ने अपने बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करा लिए। कुछ दिन बाद जब उपकरण नहीं पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन ने कंपनी के अधिकारी से संपर्क साधने की कोशिश की तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को जालसाजी का पता चला। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। जल्द ही एफआईआर कराके आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।
गोरखनाथ अस्पताल सूत्रों के मुताबिक क्षय रोग विभाग में संसाधन बढ़ाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने एक कंपनी से संपर्क किया था। इसी बीच एक शख्स ने खुद को एक उपकरण निर्माता कंपनी का अधिकारी बताते हुए फोन किया और सस्ते दर पर अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अस्पताल के डॉक्टरों ने अपने स्तर से गुणवत्ता की बाबत पूछताछ की और फिर उपकरण की सप्लाई के लिए फोन करने वाले के खाते में 1.62 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम महाराष्ट्र के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में डाली गई। रुपये ट्रांसफर होने के कुछ दिन बाद भी जब उपकरण नहीं पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन ने संपर्क किया तो कथित कंपनी के अफसर का मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा। इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ के आने पर उन्हें भी मामले की जानकारी दी गई। मंगलवार को अस्पताल प्रशासन से जुड़े कुछ लोग पुलिस के पास भी पहुंचे। शिकायत दर्ज करा दी गई है। हालांकि मामला गोरखनाथ अस्पताल से जुड़ा है, इसलिए पुलिस के आला अफसर खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। इतना जरूर कह रहे हैं कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जालसाजी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।