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डॉ. अरविंद, मेयर के बेटे, रिटायर गन्ना उपायुक्त व अजय शाही पर धोखाधड़ी का केस

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तारामंडल रोड पर फ्लैट देने के नाम पर 17.26 लाख रुपये हड़पने के आरोप में मेयर सीताराम जायसवाल के बेटे संजय कुमार जायसवाल, नामी डॉक्टर दिवंगत डॉ. जीएन तिवारी के बेटे डॉ. अरविंद तिवारी, रिटायर गन्ना उपायुक्त हरिवंश शुक्ला और आरपीएम एकेडमी के निदेशक अजय कुमार शाही के खिलाफ राजघाट थाने में बुधवार को धोखाधड़ी, ट्रस्ट के आपराधिक उल्लंघन, जानमाल की धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी डॉ. अरविंद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। डॉ. अरविंद के खिलाफ कैंट थाने में एक और केस दर्ज है। नए केस के साथ पुराने केस को जोड़कर आरोपी को जेल भेजा गया है।

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राजघाट के हांसूपुर निवासी दिनेश नंद गुप्ता की ओर से बुधवार को दर्ज कराए गए केस के मुताबिक पहले से परिचित डॉ. अरविंद तिवारी को जरूरत पड़ने पर पांच लाख रुपये उधार दिए थे। कई बार रुपये मांगने पर डॉ. अरविंद घर पर आकर दिनेश को दो चेक दिए, जो बैंक में लगाने के बाद बाउंस हो गए। इसकी जानकारी डॉ. अरविंद को दी तो उन्होंने तारामंडल रोड पर भगत चौराहे के पास रुद्राणी इंफ्रा बिल्डटेक एंड रिटेल कंपनी खोलने की जानकारी दी। साथ ही बताया कि उक्त कंपनी में पूर्व गन्ना उपायुक्त हरिवंश शुक्ला, मेयर सीताराम जायसवाल के बेटे संजय कुमार जायसवाल, आरपीएम एकेडमी स्कूल के निदेशक अजय कुमार शाही भी हैं। कंपनी ने जो भूमि ली है, उसपर फ्लैट बनाया जा रहा है। 1815 वर्ग फिट के एक फ्लैट की कीमत 46 लाख 77 हजार 708 रुपये बताई गई। फ्लैट खरीदने के लिए दिनेश ने अपने भाई रमेश चंद्र गुप्ता के जरिए 12 लाख 26 हजार रुपये का भुगतान और कर दिया। डॉ. अरविंद की तरफ से 2015-16 में फ्लैट पर कब्जा देने का भरोसा दिलाया गया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब भगत चौराहे की प्रापर्टी पर दूसरी कंपनी रिद्धि रेजीडेंसी का बोर्ड लगा है। दिनेश नंद गुप्ता के अनुसार इन सबने मिलकर 17.26 लाख रुपये हड़प लिए हैं। सीओ कोतवाली बीपी सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
जमीन मेरे नाम से है। बिल्डर ने एग्रीमेंट कराया था। स्टांप शुल्क जमा ना करने की वजह से एग्रीमेंट 2013 में स्वत: समाप्त हो गया। वहां कभी कोई रुद्राणी इंफ्रा बिल्डटेक एंड रिटेल नाम का बोर्ड भी नहीं लगा था। यदि किसी को जमीन खरीदना था तो मालिक से संपर्क करना चाहिए। मेरी ना कभी दिनेश से बात हुई और ना ही आज से पहले उन्हें जानता हूं। थाने से पत्र भेजकर बुलाया गया था। अपना पक्ष रखा है। इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। वरिष्ठ नागरिक हूं और बेवजह परेशान किया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
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हरिवंश शुक्ला, रिटायर गन्ना उपायुक्त
दिनेश ने डॉ. अरविंद को व्यक्तिगत रूप से रुपये दिए थे। जैसी जानकारी मिली है, उसके मुताबिक उन्होंने व्यक्तिगत चेक भी दिया था। यह उन दो लोगों के बीच का मामला था। कंपनी में जमीन के खरीद फरोख्त के संबंध में कभी कोई रुपया नहीं जमा हुआ है। बेवजह ही मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
संजय कुमार जायसवाल, मेयर के बेटे
ना तो मेरा जमीन से कोई लेना देना है और ना ही दिनेश से। पुलिस ने बुलाया था और वहां पर जाकर पूरी जानकारी देकर आ गया। इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।
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अजय कुमार शाही, निदेशक, आरपीएम एकेडमी

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