बीते 24 घंटे के भीतर मेडिकल कॉलेज में चार और मरीजों की इंसेफेलाइटिस से मौत हो गई। वहीं दस नए मरीज इलाज के लिए भर्ती किए गए हैं। सर्वाधिक मरीज गोरखपुर और कुशीनगर के भर्ती किए गए हैं। जनवरी से अब तक 231 मरीजों की मौत इंसेफेलाइटिस से हो चुकी है।
पूर्वांचल के लिए महामारी बनी इंसेफेलाइटिस से मौतों का सिलसिला नहीं रुक पा रहा है। शासन से प्रशासन तक इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं मगर मौतों को नहीं रोक पा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज न होने की बात कहते हैं तो स्वास्थ्य विभाग के अफसर रात में सीनियर डॉक्टर न होने को मौत की वजह बताते हैं।
मरने वालों में बिहार के अरुण पुत्र उमेश, देवरिया के सागरपुत्र गुन्नेलाल और महेंद्र गुप्ता बलिया के रोहित यादव पुत्र सुखपुरा की मौत हो गई। गोरखपुर के तीन, कुशीनगर के तीन, देवरिया, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर के एक-एक मरीज भर्ती किए गए हैं। जनवरी से अब तक 231 मरीजों की मौत हो चुकी है। 148 मरीजों का उपचार चल रहा है।
डेंगू का एक और मरीज
शनिवार को जिला अस्पताल के पैथॉलोजी की जांच में एक और मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है। हालांकि डेंगू मरीज की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस समय दो मरीजों का इलाज डेंगू वार्ड में चल रहा है। खजनी क्षेत्र के भरोहिया निवासी 28 वर्षीय शिव शंकर शुक्ला पुत्र रामनाथ शुक्ला के एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल के पैथोलॉजी में अब तक 61 मरीजों का टेस्ट कराया जा चुका है, जिसमें से दस मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो गई है।