बहुजन समाज पार्टी के पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी सहित चार दिग्गजों को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। अब इनके समर्थन में पार्टी के तमाम नेताओं ने भी इस्तीफा दे दिया है। इसमें एक पूर्व सांसद के अलावा पांच पूर्व ब्लाक प्रमुखों के नाम शामिल हैं।
हालांकि जिलाध्यक्ष संजय धुसिया का तर्क है कि त्यागपत्र देने की जो सूची जारी की गई है उसमें से आधे से अधिक लोग पार्टी के हैं ही नहीं, जो लोग पार्टी में हैं अब उनसे बातचीत कर सही स्थिति जानी जाएगी।
बसपा सुप्रीमो मायावती के आदेश पर जिलाध्यक्ष धुसिया ने शनिवार की देर शाम दल के कद्दावर नेता कुर्मि क्षत्रप पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी, पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार उर्फ नंदू चौधरी, पूर्व विधायक राजेंद्र प्रसाद चौधरी व दूधराम को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए निष्कासन की घोषणा की।
इस घोषणा के बाद सबसे पहले हर्रैया से विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे विपिन शुक्ल ने निष्कासित बसपा नेताओं के समर्थन में इस्तीफा दिया। रविवार को पूर्व सांसद अरविंद चौधरी ने विरोध में पार्टी से इस्तीफा देने वालों की सूची जारी की। इस सूची में स्वयं सहित पूर्व ब्लॉक प्रमुख कप्तानगंज राजमणि चौधरी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख (सदर) गुलाब चंद्र सोनकर व वीरेंद्र चौधरी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख हर्रैया इंद्रजीत वर्मा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख बहादुरपुर अजय सिंह सहित 37 ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसकी सूची पूर्व सांसद अरविंद चौधरी ने जारी की है।
बसपा जिलाध्यक्ष धुसिया ने कहा कि जो सूची पूर्व सांसद ने जारी की है उसमें से आधे से अधिक तो पार्टी में हैं ही नहीं। ऐसे में उनसे पार्टी का कोई लेना देना नहीं है। कुछ नाम जो इस सूची में हैं उनसे बातचीत की जाएगी, यदि वे पार्टी में रहना चाहते हैं तो अपनी सहमति दें।