खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को यूनिवर्सिटी चौराहे से जहां 10 क्विंटल मिलावटी बूंदी और खोया पकड़ा। वहीं टीम ने शहर समेत ग्रामीण क्षेत्राें में भी कई दुकानों की सघन जांच के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के 12 नमूने लिए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार राय का कहना है कि प्रथमदृष्टया बूंदी और खोया दोनों की गुणवत्ता खराब पाई गई है। बुधवार सुबह तक अगर इसपर किसी ने दावेदारी नहीं की तो इसे नष्ट करा दिया जाएगा। इसी तरह अगर किसी ने दावा भी किया तो जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के साथ ही दोनों खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएंगे।
टीम को सूचना मिली थी कि भोर में बस से रेलवे बस स्टेशन के आस-पास भारी मात्रा में खोया उतरने वाला है। तैयारी के साथ टीम तड़के चार बजे ही वहां पहुंच गई। बस स्टेशन पर तो कुछ नहीं मिला मगर यूनिवर्सिटी चौराहे के पास स्थित एक मंदिर के सामने बोरों में सामान रखा मिला। टीम जब तक वहां पहुंचती, पास खड़े कुछ लोग वहां से भाग खड़े हुए। संदेह के आधार पर जब बोरों को खोला गया तो उसमें आठ क्विंटल बूंदी और दो क्विंटल खोया मिला। काफी इंतजार के बाद भी जब किसी ने उसे अपना नहीं बताया तो टीम उसे कलेक्ट्रेट स्थित दफ्तर ले आई।
उधर, राजेंद्र नगर स्थित एप्पल बेकर्स की फैक्ट्री से क्रीमरोल और फेन, बिछिया बाजार से हरीश चंद्र इमरती भंडार से पनीर, एक अन्य दुकान से बर्फी, गणपति स्वीट्स से पेठा, बशारतपुर स्थित रामयज्ञ अग्रहरी की दुकान से फेन का नमूना लिया गया। इसी तरह खजनी के शर्मा जलपान गृह से बर्फी व बूंदी का लड्डू, रामकरन जलपान गृह से बर्फी, जायसवाल स्वीट्स हाउस से पेड़ा तथा रामनाथ स्वीट एवं जलपान गृह सहजनवां से छेने की मिठाई का नमूना लिया गया।