कई बार धोखा खाने के बाद नगर निगम ने एक बार फिर से शहर के कूड़े के बेहतर निस्तारण के उपाय तलाशने शुरू कर दिए हैं। ट्रायल के तौर पर 20 वार्डों में शुरू की जा रही इस व्यवस्था से निगम को न सिर्फ बेहतर सफाई की आस है बल्कि कुछ अतिरिक्त आमदनी भी होगी।
नई व्यवस्था के तहत अब कूड़ा का निस्तारण तीन एजेंसियों के जरिए कराई जाएंगी। एक एजेंसी पहले डोर टू डोर कूड़ा उठाने का काम करेगी। कूड़े को उठाकर शहर में बनाए गए कूड़ाघर या कूड़ा पड़ाव केंद्र तक ले जाएगी। इसके बाद दूसरी एजेंसी का काम शुरू होगा। दूसरी एजेंसी शहर के कूड़ेदानों और कूड़ा पड़ाव केंद्रों से कूड़ा उठाकर डंपिंग ग्राउंड तक ले जाने का काम करेगी। इसके बाद तीसरी कंपनी का काम शुरू होगा जो वहां सेग्रीगेशन का काम करेगी।
इन वार्डों में शुरू होगी व्यवस्था
मानबेला, महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो, राप्ती नगर, शिवपुर सहबाजगंज, लच्छीपुर, जटेपुर उत्तरी, झरना टोला, हुमायूंपुर, कल्याणपुर, सिविल लाइंस एक, राजेंद्र नगर पश्चिमी, अली नगर, गिरधरगंज, मोहद्दीपुर, विकासनगर, रसूलपुर, कृष्णानगर, अलहदादपुर, नेताजी सुभाषचंद्र बोस नगर
घरों को देना होगा 60 रुपये महीना
गोरखपुर। रिहायशी और व्यवसायिक के लिए अलग-अलग दर निर्धारित किया गया है। प्रत्येक घर को डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए प्रति माह 60 रुपये देने होंगे। वहीं अधिकतम शुल्क मैरिज हाउस के लिए निर्धारित है, जिन्हें 400 रुपये प्रति मीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा। ठेला गुमटी के लिए 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा।
इसके लिए 10 एजेंसियों ने आवेदन दिया था। इनमें से तीन को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। करार के मुताबिक एजेंसियों को होनी वाली आय से 10 प्रतिशत राशि नगर निगम को देनी है।
- सतीश कुमार सिंह, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम