ग्रामीणों ने निकाले थे शव
किशोरों के नदी में डूबने की खबर पूरे गांव में फैल गई। गांव के कुछ लोग जाल लेकर नदी में उतर गए। इस बीच सूचना पुलिस को दे दी गई। पुलिस जब तक मौके पर पहुंचती और गोताखोरों को बुलवाती इसके पहले ही ग्रामीणों ने सरयू का पानी छानकर सत्यम की लाश बरामद कर ली। देर रात तक सभी लाशें नदी में मिल गईं।
किसी घर में नहीं मनी होली
गांव के पांच बच्चों की मौत से मातम छा गया था। पूरे गांव में किसी ने भी होली का त्योहार नहीं मनाया। सभी की आंखें नम थी और मृत बच्चों के घर पर ही लोग जुटकर उन्हें ढांढस बंधाते रहें। वहीं खजनी विधायक संत प्रसाद समेत कई जनप्रतिनिधि भी घर पहुंचकर ढांढस बंधाए।
पूरी जिंदगी फीकी ही रहेगी पांच परिवारों की होली
एक साथ पांच परिवारों की होली में मातम छाया। परिवार के लोग भी इस दुख की घड़ी में फफक कर यही बोल रहे थे कि यहीं होली नहीं अब तो पूरी जिंदगी की होली ही खराब हो गई है। होली के समय इस सदमे को भूल पाना अब जीवन में संभव नहीं है। जब भी होली का त्योहार आएगा परिवार में दुख के इस दिन की याद ताजा हो जाएगी। आसपास के इलाकों में भी कुछ यही माहौल रहा। जिसने भी सुना सभी हैरान थे। कोई उनके बचपन को कोसता तो कोई अनहोनी को टाले न जाने की बात कहकर अपने मन को तसल्ली देता।