धर्मशाला पुलिस ने बुधवार को एक होटल में काम कर रहे पांच लोगों को मुक्त कराया। मुक्त कराए गए लोगों में से चार दिव्यांग हैं। आरोप है कि होटल मालिक पांचों को बंधक बनाकर जबरन होटल का काम करा रहा था। इस मामले में स्माइल रोटी बैंक ट्रस्ट के अध्यक्ष और आश्रय गृह के संचालक श्रीकृष्ण पांडेय आजाद ने पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता से भी की शिकायत की है। एसएसपी के निर्देश के बाद सीओ गोरखनाथ मामले की जांच कर रहे हैं।
धर्मशाला पुलिस को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कस्बे के एक होटल में जबरन कुछ लोगों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। सूचना पर विश्वास कर धर्मशाला चौकी इंचार्ज धीरेंद्र राय ने बुधवार की सुबह होटल पर छापा डालकर वहां काम कर रहे पांच लोगों को मुक्त कराया। जिनमें से चार लोग दिव्यांग थे।
पुलिस ने सभी को चौकी लाया और आश्रय गृह के हवाले कर दिया। इस मामले में पुलिस और एसएसपी को तहरीर देकर स्माइल रोटी बैंक ट्रस्ट के अध्यक्ष और आश्रय गृह संचालक श्रीकृष्ण पांडेय उर्फ आजाद ने होटल मालिक पर केस दर्ज कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इन्हें कराया गया है मुक्त
आश्रय गृह संचालक ने बताया कि मुक्त कराए जाने वालों में बिहार के पटना निवासी अनिल, नेपाल निवासी राजू, मानसिक दिव्यांग धन बहादुर व मंदित और बिहार के नरायनघाट निवासी किशन थापा हैं। आरोप है कि इन सभी को पांच सौ रुपये महीने देने की बात कह कर लाया गया था। लेकिन अभी तक एक भी रुपया नहीं मिला। इनसे लंबे समय से काम कराया जा रहा था।