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जल्द चलेंगी पिपराइच समेत सूबे की पांच चीनी मिलें

Tue, 25 Apr 2017 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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चीनी मिल
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योगी सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा देने के एजेंडे पर मुहर लगा दी है। जल्द ही सूबे की बंद पड़ी पांच चीनी मिलें चलने लगेंगी। इनमें दो चीनी मिलें पिपराइच (गोरखपुर) और मुंडेरवा (बस्ती) का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड करेगा। इन मिलों में सत्र 2018-2019 से गन्ने की पेराई शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि तीन चीनी मिलें छाता (मथुरा), बुढ़वल (बाराबंकी) और नंदगंज (गाजीपुर) को चलाने के लिए पीपीपी मोड के तहत निजी निवेशकों को सौंपने की तैयारी है। 
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सीएम योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं को जल्द अमलीजामा पहनाने में जुटे अफसरों के इस प्रस्ताव पर शासन ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। पिपराइच और मुंडेरवा चीनी मिल की पेराई क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। अभी इन मिलों में 3500 टीसीडी (टन ऑफ केन पर डे) पेराई की क्षमता है जिसे बढ़ाकर 5000 टीसीडी करने की योजना है। इसके साथ ही डिस्टलरी भी शुरू की जाएगी। नई मशीनरी लगाने की भी योजना है। इसके लिए पिपराइच चीनी मिल पर 365 करोड़ और मुंडेरवा चीनी मिल पर 360 करोड़ खर्च किए जाएंगे। 

2008 में बंद हुई थी पिपराइच चीनी मिल
पिपराइच चीनी मिल 1932 में स्थापित हुई थी। इसका रकबा 32.7820 क्विंटल है। वर्ष 1974 में इसे उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड ने क्रय किया पर 2008 में यह चीनी मिल बंद हो गई। 2013 में 7.27 करोड़ में प्लांट व मशीनरी का स्क्रैप बेचा गया था। निगम ने 20.6460 हेक्टेयर रकबे का अधिग्रहण कर लिया है, जबकि 12.1360 क्विंटल जमीन का वाद लंबित है। सत्र 2018-19 में संभावित गन्ने का उत्पादन लगभग 35 लाख क्विंटल है। 
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18 साल से बंद है मुंडेरवा चीनी मिल
मुुंडेरवा (बस्ती) चीनी मिल 1932 में स्थापित हुई थी और 1984 में उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड ने इसका अधिग्रहण कर लिया। 15 साल चलने के बाद 1999 में यह मिल बंद हो गई। 30.3610 हेक्टेयर पर स्थापित इस चीनी मिल की निगम ने 17.0190 हेक्टेयर जमीन खरीद ली थी, जबकि 13.3420 हेक्टेयर जमीन विवादित है। योजना के मुताबिक सत्र 2018-19 में चीनी मिल शुरू कराने के लिए 68 लाख क्विंटल गन्ने के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
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