प्रो. वीके सिंह।
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल करने वाले प्रो. विजय कृष्ण सिंह (वीके सिंह) अब इसके नए कुलपति होंगे। अभी वह एकेटीयू लखनऊ के कुलपति हैं। तीन-चार दिनों में वह चार्ज ले सकते हैं। गोरखपुर यूनिवर्सिटी से पहले से वाकिफ प्रो. वीके सिंह का जोर यहां प्रोफेशनल कोर्स संचालन पर होगा।
प्रो. सिंह गोरखपुर यूनिवर्सिटी के गणित विभाग से सेवानिवृत्त प्रो. यूपी सिंह के दो बेटों में पहले हैं। उनके छोटे भाई डॉ. राजीव कृष्ण सिंह यूपी कॉलेज में शिक्षक हैं। प्रो. वीके सिंह ने कहा कि एकेटीयू में कुछ औपचारिकताएं पूरी कर वह तीन-चार दिन में शहर आएंगे। प्राथमिकताओं पर बात हुई तो बोले, यूनिवर्सिटी की व्यवस्था का पारदर्शी ढंग से संचालन कराने पर जोर होगा। एकेडमिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने की पूरी कोशिश होगी। रोजगार परक शिक्षा को बढ़ावा देना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। पूर्व में संचालित जो प्रोफेशनल कोर्स बंद हो गए हैं, उनके बंद होने के कारण तलाश कर उन्हें फिर से शुरू कराने पर जोर होगा। शिक्षण व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। शिक्षकों की कमी की समस्या पर विभागाध्यक्षों से बात कर इसे दूर किया जाएगा।
शहर में प्राथमिक शिक्षा ली, शोध भी किया
प्रो. वीके सिंह की प्राथमिक शिक्षा शहर के सरस्वती शिशु मंदिर में हुई। फिर एमजी इंटर कॉलेज से उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। बीएससी, एमएससी के बाद गणित से शोध गोरखपुर यूनिवर्सिटी से पूरा किया। इसके बाद 1985 में बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से बतौर शिक्षक जुड़कर कॅरिअर की शुरुआत की। 10 साल तक अध्यापन करने के बाद 1995 पंजाब में पुष्पंत लोंगवाल डीम्ड यूनिवर्सिटी में शिक्षक बने। करीब दो दशक पहले आईआईटी लखनऊ में नियुक्ति हुई। इस जिम्मेदारी के साथ कुछ अरसे पहले उन्हें एकेटीयू लखनऊ के कुलपति की जिम्मेदारी मिली। अब राजभवन ने उन्हें गोरखपुर यूनिवर्सिटी के नए कुलपति की जिम्मेदारी दी है।