गोरखपुर से सटे नेपाल में किडनी बेचने का मामला सामने आया है। मानव अंग की किडनी बेचने के आरोप में गुरुवार को पुलिस ने नेपाल निदान अस्पताल के सीईओ सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और डॉक्टर तस्करों के साथ मिलकर तीन लाख रुपये में किडनी बेचा करते थे।
मानव तस्करी ब्यूरो के डीएसपी राजकुमार सिलवाल ने कहा कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग ब्यूरो की टीम ने विशेष जानकारी के आधार पर पांच लोगों को गिरप्तार किया है। ब्यूरो ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में घटना की जानकारी दी। पुलिस ने उन्हें यह पता लगाने के लिए हिरासत में लिया है कि कितने रुपये में किडनी खरीदी गई थी।
तस्करों ने पैसे के लिए पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि यदि किसी बीमार व्यक्ति को किडनी की आवश्यकता होती है, तो रक्त संबंध होने पर ही किडनी देने का कानूनी प्रावधान है। रामेछाप दोरम्बा निवासी शंकर लाल लामा को एक किडनी की जरूरत थी। बीते 7 जुलाई को उसे एक फर्जी भतीजे की किडनी ट्रांसफर कर दी गई थी। इसी घटना के बाद से पूरे मामले पर से पर्दा उठने लगा था।
पुलिस ने जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में काठमांडू के बिपेंद्र प्रधान, कुमुद कुमार, डॉ. राजेश पंत और रामचंद्र अलाय शामिल हैं। बिपेंद्र अस्पताल के सीईओ हैं, जबकि राजेश पंत अस्पताल में डॉक्टर हैं।