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यूपी: सऊदी से फोन पर तलाक में पति समेत पांच पर मुकदमा दर्ज

Sun, 04 Aug 2019 03:02 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुशीनगर
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पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज - फोटो : Social Media
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सऊदी अरब से फोन पर तलाक देने के मामले में नेबुआ नौरंगिया पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुस्लिम महिलाएं विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत मुकदमा दर्ज कर की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।  

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पीड़िता फातिमा खातून ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2014 में नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के शोभा छपरा गांव निवासी  तराबुद्दीन पुत्र अब्दुल रहीम के साथ हुई थी। पति तराबुद्दीन रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए। आरोप है कि पहली अगस्त को पति ने सऊदी अरब से फोन पर ही उसे तीन तलाक दे दिया। ससुर अब्दुल रहीम ने पंचायत में उसे डेढ़ लाख का दो चेक थमा कर फोटो खींचा और स्टॉप पेपर पर अंगूठा लगवा लिया। ससुर ने रिश्ता खत्म होने का भी एलान किया।

आरोप है कि उसके पति जब घर आते थे, तब मोबाइल में खींची अपनी प्रेमिका की तस्वीर उसे दिखाते थे और उसी से शादी करने का जिक्र करके उसका मानसिक उत्पीड़न करते थे। जब पिता और भाई ससुराल पहुंचे तो पंचायत में उनसे भी ससुर ने हस्ताक्षर करवा लिया।
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आरोप है कि सास, ननद और पति के मामा भी उसका उत्पीड़न करते थे। पीड़िता फातिमा ने नेबुआ नौरंगिया पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। एसओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में पति, ससुर, सास, ननद और पति के मामा के खिलाफ मुस्लिम महिलाएं विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

शादी के बाद से ही पति फातिमा से किसी तरह छुटकारा पाना चाहता था। उपेक्षा का आलम यह था कि शादी के छह साल भी बीवी से दूरी बनाए रखी। इस वजह से फातिमा मां नहीं बन पाई। फातिमा बताती है कि शुरुआती चार महीने तक पति से रिश्ते ठीक थे। उसके बाद पति सऊदी अरब चले गए। वहां से पहली बार पांच हजार रुपये भेजा और मोबाइल फोन खरीदने को कहा था। यह बात सास व ससुर को नागवार गुजरी और तराबुद्दीन को मना कर दिया। इसके बाद पूरी तरह फातिमा की जिंदगी बदल गई। ससुराल में सिर्फ उपेक्षा ही मिली। ससुरालियों ने साजिश रची और फिर फोन पर पति से तीन तलाक दिलवा दिया। न्याय के लिए वह जिंदगी भर लड़ाई लडे़गी।   

पीड़ित मां हमीदुन्निशा ने रोते हुए बताया कि जिस तरह से बेटी को तलाक देने के बाद वह दुख से तड़प रही है। कानून पर विश्वास है कि उसी तरह पति और अन्य आरोपी भी तड़पेंगे। अल्लाह भी उन्हें माफ नहीं करेगा। छह साल से बेटी की जिंदगी में सुधार आने का इंतजार करती रही, लेकिन परिणाम बेहद खतरनाक सामने आया है।

बेटी फातिमा को उसके शौहर ने फोन पर ही तलाक दे दिया। मां बताती है कि बेटी का घर बसा रहे, इसके लिए जो भी मांगते थे, वह भेजवाती थी। अचानक तलाक देकर उसका जीवन बर्बाद करने वालों को न यहां भला होगा न अल्लाह के यहां। आरोपियों को हमारी बददुआ जरूर लगेगी।

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