फोरलेन पर कोनी मोड़ के पास रविवार दोपहर पेट्रोलियम पदार्थों से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। इसके चलते टैंकर में आग लगने से केबिन में फंसे ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि खलासी ने कूदकर जान बचाई। एयरफोर्स और जिले की फायर ब्रिगेड की टीम ने मिलकर दो घंटे की कोशिश के बाद आग को नियंत्रित किया। इस दौरान गोरखपुर-कुशीनगर मार्ग पर आवागमन ठप रहा। हादसे में जान गंवाने वाला चालक देवरिया का रहने वाला था और बैतालपुर डिपो से तेल लेकर सिद्धार्थनगर जा रहा था।
जगदीशपुर प्रतिनिधि के अनुसार देवरिया, गौरीबाजार के गुडरी निवासी रंभु चौरसिया (22) तेल का टैंकर चलाता था। महराजगंज, चौक बाजार के नक्शा-बक्शा का गिरजेश (20) इसी टैंकर पर खलासी का काम करता था। रविवार को दोनों बैतालपुर डिपो से टैंकर में पेट्रोल, डीजल लेकर सिद्धार्थनगर जा रहे थे।
दोपहर करीब तीन बजे वे फोरलेन पर पिपराइच के कोनी मोड़ पहुंचे थे। तेज रफ्तार में चल रहे टैंकर को मोड़ने की कोशिश में वह अनियंत्रित होकर पलट गया। सड़क पर टैंकर की रगड़ से निकली चिंगारी से उसमें आग लग गई, जिससे तेल से भरा टैंकर बीच सड़क पर ही धूं-धूं कर जलने लगा। खलासी गिरजेश ने इसी बीच कूदकर अपनी जान बचा ली, हालांकि निकलने की कोशिश के दौरान वह भी झुलस गया। लेकिन केबिन में फंस जाने के कारण रंभू बाहर नहीं निकल सका। आग के विकराल होने के कारण आसपास के लोग भी उसे बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। सबके सामने ही ड्राइवर जलकर मर गया।
हादसे की खबर के बाद एसपी सिटी हेमराज मीना, जिला पूर्ति अधिकारी कमलनयन सिंह, सीओ कैंट अभय मिश्रा, एसओ खोराबार, पिपराइच पुलिस फायर ब्रिगेड की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आग के विकराल रूप को देखते हुए उसे बुझाने के लिए एयरफोर्स से भी दमकल की गाड़ी मंगाई गई। दो घंटे की कोशिश के बाद दमकल की 12 गाड़ियों की मदद से उसपर काबू पाया जा सका।
जुलाई में रंभू की होने वाली थी शादी
दुर्घटनाग्रस्त टैंकर सहजनवां, सीहापार स्थित भागीरथी फिलिंग स्टेशन के प्रोपराइटर का था। उसमें करीब 12 हजार लीटर पेट्रोल/डीजल लेकर रंभू चौरसिया सिद्धार्थनगर जा रहा था। मौत की खबर के बाद पहुंचे परिवार के लोगों ने बताया कि जुलाई में उसकी शादी होने वाली थी।
जाम के चलते हुआ डायवर्जन
फोरलेन पर टैंकर में आग लगने से सड़क पर गाड़ियों की कतार लग गई। पुलिस कर्मियों ने लेन को खाली कराकर एक ही लेन से गाड़ियां गुजारी। इसी दौरान कुशीनगर की तरफ से आने वाली गाड़ियों को परिवर्तित मार्ग से भेजा गया।