गोली से घायल रंजीत ने दम तोड़ा
खोराबार (गोरखपुर)। कैंट इलाके के भैरोपुर में बदमाशों की गोली से घायल रेलकर्मी के बेटे रंजीत पासवान (35) की शुक्रवार की भोर में मौत हो गई। गोली उसके सिर में लगी थी। डॉक्टरों ने भोर में उसका आपरेशन किया, लेकिन इसी दौरान उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन शाम को घर पहुंचे। छोटे भाई संजीव ने दाह संस्कार किया। उधर, एहतियातन गांव में शुक्रवार को भी पुलिस तैनात रही।
भैरोपुर निवासी राधेश्याम पासवान रेलवे में कर्मचारी हैं। उन्होंने पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी शादी की थी। तभी से वह बौलिया रेलवे कॉलोनी में रहते हैं। भैरोपुर स्थित पैतृक गांव में बुधवार की रात 2.30 बजे घर में सो रहे रंजीत को पीछे की बाउंड्री फांदकर अंदर दाखिल हुए तीन लोगों ने सिर में गोली मार दी थी। बगल में सो रहे संजीव ने जब शोर मचाया तो हमलावर भाग गए। भाई संजीव ने पैतृक जमीन के विवाद में पिता राधेश्याम, चाचा रंभू, बुआ के बेटे बबलू और पुराने मुकदमे के गवाह लालबचन पर हत्या का शक जताया था। पुलिस ने मुकदमे में चारों का नाम दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।
पिता और चाचा से है जमीन का विवाद
रंजीत के छोटे भाई संजीव के अनुसार दूसरी शादी के बाद पिता राधेश्याम ने हमलोगों को प्रापर्टी न देकर चाचा रंभू को दे दी। इसके खिलाफ बड़े भाई रंजीत ने चाचा रंभू, पिता राधेश्याम और गवाह हीरालाल के खिलाफ मुकदमा करा रखा था, जो कोर्ट में विचाराधीन है। रंजीत ही उस केस की पैरवी करता था।
संजीव हो गया अकेला
पिता के अलग होने और खर्च देना बंद कर देने से रंजीत और संजीव ने मेडिकल स्टोर खोलकर पांच वर्ष पूर्व छोटी बहन सन्नो की शादी की थी, लेकिन एक वर्ष पूर्व प्रसव के दौरान उसकी भी मौत हो गई। अब रंजीत की मौत के बाद छोटा भाई संजीव अकेला हो गया। न तो रंजीत की शादी हुई थी और न ही संजीव की हुई है।