शाहपुर थाने में फिर दगी गोली, नहीं मनाई गई जन्माष्टमी
गोरखपुर। थानों में जन्माष्टमी मनाए जाने की परंपरा पंद्रह साल बाद पिछले साल शुरू की गई और इस साल शाहपुर थाने में फिर हादसा हो गया। असलहों की सफाई के दौरान गोली दगने से सिपाही राजनाथ यादव जख्मी हो गए और सारी तैयारी फीकी हो गई। शाहपुर थाने में इस बार फिर जन्माष्टमी नहीं मनाई गई। हालांकि राजनाथ यादव गोली से घायल नहीं हुए। गोली दीवार पर लगी और प्लास्टर गिरने से उन्हें चोटें आईं। मगर इस हादसे ने एक बार फिर इस चर्चा को जोर दे दिया है कि जन्माष्टमी पुलिस को रास नहीं आ रही है।
पहले पुलिस की जन्माष्टमी शहर में धूमधाम से मनाई जाती थी। झांकी सजने के साथ ही नाच गाने का भी आयोजन होता था। वर्ष 2003 में शाहपुर थाने में ही आयोजन के दौरान एक पुलिसकर्मी ने गोली चला दी थी और मंच पर डांस कर रही रीना राय की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हादसे ने पुलिस वालों को झकझोर दिया था। घटना के बाद पुलिस वालों ने अपने आप को झांकी तक समेट लिया। थानों पर जन्माष्टमी का आयोजन भी बंद कर दिया गया। थानों पर जन्माष्टमी का आयोजन 2018 में फिर शुरू किया गया। इस बार सभी थानों पर जन्माष्टमी मनाई गई लेकिन शाहपुर थाने में फिर हादसा हो गया। 2003 से पहले भी शाहपुर थाने में कस्टडी में एक मौत होने से जन्माष्टमी का उत्सव फीका पड़ा था। एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि थाने में तैनात राजनाथ यादव शाहपुर थाने के अंदर ही बंदूक की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान गोली दग गई और प्लास्टर गिरने से उन्हें चोटें आईं हैं।