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प्राइवेट बैंक में चोरी के आरोप में कैशियर समेत तीन गिरफ्तार

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प्राइवेट बैंक में चोरी के आरोप में कैशियर सहित तीन गिरफ्तार
गबन किए गए रकम को पचाने के लिए खुद तोड़ी तिजोरी
बैंक का एक दिन का कैश गायब कर पुलिस को दी चोरी की सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। चौरीचौरा के भोपा बाजार, कुंदन मार्केट स्थित फिनो पेमेंट बैंक में हुई 957269 रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को कैशियर बिहार निवासी प्रगट कुमार मिश्रा, सहायक कैशियर मऊ के सरायलखंशी निवासी कृष्णकांत राय और ग्राहक सेवा केंद्र संचालक चौरीचौरा के छबैला निवासी नौशाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 342590 रुपये भी बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार बैंक में चोरी नहीं हुई थी। छह माह पूर्व गबन किए गए 6.13 लाख रुपये को पचाने के लिए कैशियर और सहायक कैशियर ने साजिश रची थी। उन्होंने तिजोरी खोलकर खुद ही बैंक का एक दिन का कैश गायब कर दिया था।
बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस में घटना का पर्दाफाश करते हुए एसपी नार्थ अशोक कुमार पांडेय और सीओ क्राइम प्रवीण सिंह ने बताया कि सोमवार को कैशियर प्रगट मिश्रा ने पुलिस को चोरी की सूचना दी थी। जांच में प्रथमदृष्टया मामला संदिग्ध लगा। जांच आगे बढ़ी तो कैशियर व सहायक कैशियर की कई बातों में विरोधाभास मिला। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो दोनों टृट गए और सच्चाई बता दी। एसपी नार्थ ने बताया कि छह माह पूर्व दोनों ने मिलकर 6.13 लाख रुपये गबन कर लिए मगर कागजात में पूरी रकम दिखाते रहे। पकड़े जाने से बचने के लिए शुक्रवार की शाम बैंक बंद कर घर जाते समय दोनों ने तिजोरी खोली और उसमें रखा एक दिन का कैश 3.44 लाख रुपये निकाल लिए। तिजोरी को खुद ही तोड़ दिया। शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को बैंक खुलने पर दोनों ने पुलिस को सूचना दी। एसपी नार्थ ने बताया कि चोरी किए गए रकम को इन लोगों ने नौशाद को रखने के लिए दिया था। रुपये नौशाद के पास से एक स्कूटी में बैग में रखे हुए मिले।
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मुंबई से होती है बैंक की सीधी निगरानी
बैंक में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है जिसका डीबीआर बॉक्स मुंबई हेड ऑफिस में लगा है। सीधे वहीं से निगरानी की जाती है। बैंक के निदेशक मुंबई के ऋषि गुप्ता हैं। बैंक की जिले में राप्तीनगर, चौरीचौरा, नौसड़ और बड़हलगंज में ब्रांच हैं। एक ब्रांच पर तीन लोगों की तैनाती है।
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बैंक अधिकारियों को पहले से ही था शक
बैंक के अफसरों को कैशियर और सहायक कैशियर पर पहले से ही शक था। गबन की बात सामने आने पर जांच भी कराई गई थी। 13 जून को राप्तीनगर, चौरीचौरा और गौरीबाजार ब्रांच के मैनेजर दिब्यांशु राय और टेकिभनकल टीम बनारस के सौरभ ने ऑडिट किया था जिसमें दोनों ने कागजात में रकम पूरा दिखा दिया था। लेकिन बैंक की जांज अभी भी जारी थी। सौरभ ने बताया कि गबन किए गए रकम को प्रगट ने अपने भाई की शादी में खर्च किया है।
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