कोहरे में ट्रेनों को चलाने में होने वाली दिक्कतों के मद्देनजर 15 पैसेंजर और पांच एक्सप्रेस ट्रेनें निरस्त की जा सकती हैं। 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक इन ट्रेनों को निरस्त किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। रेल प्रशासन ने इसे लागू करने के लिए रेलवे बोर्ड से अनुमति मांगी है।
दिसंबर से कोहरे का प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे में ट्रेनों को समय से चलाने में काफी दिक्कतें आती हैं। कई ट्रेनें 20 घंटे से ज्यादा विलंब हो जाती हैं और मजबूरन उनका अगला फेरा निरस्त कर दिया जाता है।
उससे अन्य ट्रेनों के संचालन में भी मुश्किलें आती हैं। रेल प्रशासन ने कोहरे के पहले ही एहतियातन तैयारी शुरू कर दी है। बीते साल एक महीने ही एक्सप्रेस ट्रेनें निरस्त की गई थीं, लेकिन इस बार दो महीने के लिए निरस्त की जाएंगी।
निरस्त ट्रेनों की रैक का इस्तेमाल स्पेशल ट्रेन के लिए किया जाएगा। परिचालन विभाग के सूत्रों के मुताबिक गोरखपुर से नरकटियागंज, छपरा, बस्ती और आनंदनगर जाने वाली 15 पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त करने का प्रस्ताव बनाया गया है।
कोहरे में ट्रेनों को समय से चलाना प्राथमिकता में है। ट्रेनों को निरस्त करने और उनके फेरे कम करने की योजना बनाई जा रही है। कोशिश है कि कम से कम एक्सप्रेस ट्रेनें निरस्त की जाएं। ताकि रिजर्व टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को दिक्कत न हो। जल्द ही इसे अमलीजामा पहना दिया जाएगा।
संजय यादव, सीपीआरओ एनईआर
ये ट्रेनें हो सकती हैं निरस्त
छपरा-मथुरा एक्सप्रेस
ग्वालियर बरौनी एक्सप्रेस
बापूधाम एक्सप्रेस
मंडुआडीह-जबलपुर एक्सप्रेस
छपरा-लखनऊ एक्सप्रेस (रोजाना की जगह तीन दिन चलेगी)
कुंभ मेला के लिए चलेंगी आठ स्पेशल ट्रेनें
प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आठ स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी है। ये ट्रेनें गोरखपुर, भटनी और छपरा से चलाई जाएंगी। रेल प्रशासन ने इन ट्रेनों के शेड्यूल का प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड भेजा है। जल्द ही समय सारिणी तय हो जाएगी। अभी यह तय नहीं हो सकता है कि ट्रेनों को कितने दिन के लिए चलाया जाएगा।
कुंभ के लिए चलेंगी 415 बसें
प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए रोडवेज प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बसों के रूट के निर्धारण का काम भी अंतिम चरण में है। गोरखपुर जोन से इलाहाबाद के लिए 415 बसें चलाई जाएंगी।
ये बसें सिर्फ शहरों के बस स्टेशन ही नहीं, बल्कि गोरखपुर, बस्ती और देवरिया के विभिन्न इलाकों से चलाई जाएंगी। इसके अलावा दूसरे क्षेत्रों से भी गोरखपुर बसें आएंगी। राप्तीनगर डिपो के एआरएम मुकेश कुमार ने बताया कि कुंभ के दौरान किसी भी यात्री को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
जरूरी पड़ने पर जोन से और भी बसें चलाई जाएंगी। इसी तरह उन्होंने बताया कि छठ में अगर एक ही स्थान के लिए कई लोग ग्रुप में जाने वाले हैं तो वे डिपो से बसें भी बुक करा सकते हैं। यह सुविधा लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी आदि स्थानों पर लौटने वालों को मिलेगी।