मूर्ति विसर्जन के लिए राप्ती किनारे नई जमीन देखने पहुंचे एसडीएम सदर की किसानों से नोकझोंक हो गई। पुलिस ने मामले को संभाला। इसके बाद पिछले स्थान पर बनाए गए तालाब में ही मूर्ति विसर्जन का निर्णय लिया गया है।
शनिवार को एसडीएम सदर पंकज वर्मा, नगर निगम के एई प्रेेम मोहन श्रीवास्तव, जेई आरके मिश्रा आदि मूर्ति विसर्जन के लिए जमीन देखने के लिए राप्ती किनारे पहुंचे। निरीक्षण के दौरान वहां के कुछ किसान वहां पहुंच गए और उन्होंने तालाब बनाने का विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने एसडीएम से नोेकझोंक भी कर ली। पुलिस को उन किसानों को वहां से हटाना पड़ा। तब जाकर मामला शांत हो सका। हालांकि इसके बाद पिछली बार बनाए गए तालाब में ही मूर्ति विसर्जन का निर्णय लिया गया।
प्रेम नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि पिछली बार बनाए गए तालाब में मूर्ति विसर्जन के निर्णय के बाद उसी को ठीक करने का और एप्रोच मार्ग को बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया है।
प्रेम एवं सद्भाव के साथ मनाएं त्योहार : डीएम
डीएम ओएन सिंह ने कहा कि प्रशासन त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए कटिबद्ध है। इसके लिए पूरी तैयारी की गई है। त्योहार हम सब का है। इसे आपसी मेल मिलाप एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाएं। सभी का दायित्व है कि शहर की शांति एवं कानून व्यवस्था में व्यवधान न पड़े।
डीएम, कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गणेश पूजा एवं बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में सकुशल ढंग से मनाए जाने के लिए आयोजित शांति एवं सद्भावना समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जुलूस में डीजे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। विद्युत विभाग के अधिकारियाें को निर्देश दिया कि पोलों के तारों को ठीक कराएं। साथ ही सभी विभागों के अधिकारी जुलूस मार्ग का स्वयं भ्रमण कर लें।
एसएसपी ने थानावार शांति समितियों की बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। कहा कि थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र की निगरानी रखें। जनपद में धारा 144 का प्रभावी ढंग से पालन किया जाए। किसी भी नए स्थान पर बिना अनुमति मूर्ति न रखी जाए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी मन्नान अख्तर, नगर आयुक्त बीएन सिंह, एस पी सिंह, एस पी देहात, एस पी ट्रैफिक, अपर जिलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।