एक तरफ जहां सपा सरकार अपने कार्यकाल का आखिरी साल ‘किसान एवं युवा वर्ष’ के तौर पर मनाने जा रही है वहीं इसकी शुरूआत में ही किसानों को बड़ा झटका लगा है। सूखे से हुई अरबों की क्षति से राहत को लेकर जिले के सात लाख से अधिक किसानों को सरकार से बड़ी उम्मीद थी, मगर मिले सिर्फ चंद करोड़ रुपये ही। मुआवजे को लेकर पूरे गोरखपुर-बस्ती मंडल के दूसरे जिलों में भी तस्वीर कुछ ऐसी ही है।
गोरखपुर जिला प्रशासन की तरफ से कराए गए सर्वे में सूखे से 136 करोड़ रुपये की क्षति आंकी गई थी और मुआवजे के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। जिले में 7.25 लाख किसान प्रभावित पाए गए थे जिनमें से सर्वाधिक 3.40 लाख किसान गोला तहसील के हैं। सदर तहसील क्षेत्र के किसानों के लिए 6.03 करोड़, सहजनवां के लिए 7.27 करोड़, चौरीचौरा के लिए 28.38 लाख, कैंपियरगंज के लिए 11.78 करोड़, खजनी के लिए 37.50 करोड़, गोला के लिए 27.95 करोड़ तथा बांसगांव के किसानों के लिए 17.38 करोड़ के मुआवजे का प्रस्ताव बनाकर भेजा था, मगर इसके सापेक्ष राहत के नाम पर पूरे जिले के लिए सिर्फ 4.50 करोड़ रुपये का ही मुआवजा मिला।
एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ चंद्रभूषण ने बताया कि शासन के निर्देशों के मुताबिक 13500 रुपये प्रति हेक्टेअर के अनुसार किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। सूखे से किसी भी प्रभावित किसान को एक हजार रुपये से कम नहीं दिया जाएगा। यही नहीं, भुगतान चेक से नहीं किए जाएंगे। सभी के खाते में सीधे ट्रेजरी से मुआवजे की रकम भेजी जाएगी।
तहसील ------------------ प्रभावित क्षेत्रफल (हे.) ---- प्रभावित किसान
सदर ------------------------- 4472 ------------------ 56139
सहजनवां ------------------ 10692 ------------------ 72695
कैंपियरगंज ---------------- 17334 ------------------ 70000
चौरीचौरा ------------------- 21025 ------------------ 21365
गोला ----------------------- 20709 ------------------ 340528
खजनी --------------------- 27778 ------------------ 148783
बांसगांव ------------------- 12880 ------------------ 15630
जिला ------------------ मुआवजे की रकम मिली
गोरखपुर ------------------ 4.50 करोड़
देवरिया ------------------ 4.50 करोड़
कुशीनगर ------------------ 4.50 करोड़
महराजगंज ------------------ 1 करोड़
संतकबीरनगर ---------------- 4.50 करोड़