अब सरकारी और निजी स्कूलों में छात्रों का फर्जी नामांकन नहीं हो सकेगा। यह संभव सरकार चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से होगा। सर्व शिक्षा अभियान के तहत इस साल से योजना को लागू किया जाएगा। इससे मिड-डे मील, वजीफा, स्कूल ड्रेस जैसी सरकारी योजनाओं में घपलेबाजी रुकेगी।
इस व्यवस्था से एक विद्यार्थी का नामांकन एक ही स्कूल में हो पाएगा। छात्रों का शैक्षिक विवरण आधार कार्ड से लिंक रहेगा और पूरा विवरण ऑनलाइन होगा। इससे विद्यार्थियों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र व अंक पत्र हासिल करने में आसानी होगी। इसे लेकर पिछले दिनों सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों की मीटिंग भी वाराणसी में हो चुकी है। अभी तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से विद्यार्थियों का विवरण जिलेवार मांगा जाता है और इसी के आधार पर शैक्षिक बजट का प्रावधान सरकार करती है।
इसमें छात्रों के फर्जीवाड़े की आशंका बनी रहती है। अभी यह व्यवस्था सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए शुरू की जाएगी, बाद में इसे निजी स्कूलोें में भी शुरू किया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान के शैक्षणिक सूचना प्रबंधन के कोआर्डिनेटर अभिषेक पांडेय ने बताया कि एक प्रारूप में 35 बिंदुओं के बारे में विद्यालयों से जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही कक्षा एक से 12 तक सभी विद्यार्थियोें का शैक्षणिक विवरण की सूचना ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
छात्रों की स्थिति
कक्षा 1 से 6 : 7 लाख
कक्षा 9 से 12 : 3 लाख