असलहा विभाग के कर्मचारियों से एसआईटी ने चार घंटे की पूछताछ, दस्तावेज लिए
गोरखपुर। फर्जी लाइसेंस पर असलहों की खरीद-फरोख्त के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऑफिस में जाकर असलहा विभाग के कर्मचारियों से जानकारी हासिल की। इस दौरान टीम ने असलहों की खरीद प्रक्रिया जानने के साथ ही अब तक बरामद फर्जी लाइसेंस के बारे में पूछताछ की। टीम कई दस्तावेज भी साथ लेकर आई है। वहीं मामले में पुलिस ने दो अन्य आरोपितों को भी हिरासत में लिया है, जिन्होंने फर्जी लाइसेंस पर असलहे खरीदे थे। आशंका है कि इन लोगों ने पकड़े जाने से पहले असलहों को राप्ती नदी में फेंक दिया।
जानकारी के मुताबिक एसआईटी के एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ, एएसपी बोत्रे रोहन प्रमोद, इंस्पेक्टर कैंट रवि राय ने चार घंटे असलहा विभाग के कर्मचारियों से पूछताछ की। एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ पूछताछ की पुष्टि करते हुए कहते हैं कि असलहा बाबू से जानकारी हासिल की गई है। पुलिस को कुछ नाम मिले हैं। पुलिस हर पहलू पर काम कर रही है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
फर्जी लाइसेंस बनाने का मामला 14 अगस्त को प्रकाश में आने के बाद से पुलिस अब तक दो लोगों को जेल भेज चुकी है। हालांकि जेल भेजे गए तनवीर और विजय दोनों ही असलहा खरीदने के आरोपी है। पुलिस अभी तक इस प्रकरण के जुड़े सरगना को न ही खोज पाई है और न ही दबोच पाई है। यूं तो पुलिस यह दिखा रही है कि पूरे खेल के पीछे रवि गन हाउस का मालिक है और उसके पकड़े जाने के बाद ही गोलमाल का खुलासा हो पाएगा। अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर ही जांच को आगे बढ़ा रही है। लेकिन, विभागीय सूत्रों ने संकेत किया है कि पुलिस इस मामले के तह में जाने की कोशिश में जुटी है। उसे कुछ अच्छी लीड मिली है। संभव है कि पुलिस चौंकाने वाले नतीजे सामने लेकर आए।
प्रशासनिक कर्मचारियों में मची खलबली
प्रकरण संज्ञान में आने के बाद एसआईटी पहली बार शनिवार को पूछताछ के लिए असलहा बाबू के पास गई थी। इस पूछताछ के बाद प्रशासनिक कर्मचारियों में खलबली मच गई है। पुलिस एक एक पहलू पर जांच कर रही है।
गन हाउस मालिक की तलाश में स्वॉट लगाई गई
एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि रवि आर्म्स के मालिक की तलाश में स्वाट टीम लगाई गई है। सूचना मिली है पूरे परिवार के साथ फरार है। उसके पकड़े जाने के बाद कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगेंगे। जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।