गोरखपुर यूनिवर्सिटी और संबद्ध कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाओं के लिए सोमवार को केंद्रों का निर्धारण कर दिया गया। गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर के 270 कॉलेजों को केंद्र बनाया गया है। जिन कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या 80 से कम है, उनके विद्यार्थियों की परीक्षा नजदीकी कॉलेज में कराई जाएगी। इस पर परीक्षा समिति की मुहर भी लग गई।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से गठित विशेष समिति ने सामूहिक नकल रोकने के उद्देश्य से केंद्र बदलने का प्रस्ताव दिया था। इस पर मुहर भी लगी और गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर में 144 परीक्षा केंद्र बना दिए गए। महिला कॉलेजों का केंद्र भी बदला गया लेकिन शासन ने केंद्रों के निर्धारण के नए मानक तय कर दिए। अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने कहा कि लड़कियों के परीक्षा केंद्र नहीं बदलेंगे।
इसी का नतीजा रहा कि सोमवार को परीक्षा समिति की आपात बैठक हुई। इसमें महिला कॉलेजों की परीक्षा स्वकेंद्र प्रणाली से कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही परीक्षा केंद्रों की संख्या 144 से बढ़ाकर 270 कर दी गई। इसका विस्तृत ब्योरा जल्द ही यूनिवर्सिटी की वेबसाइट ddugorakhpurunivesity.in पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। परीक्षा समिति के मुताबिक यदि किसी कॉलेज में नकल का मामला पकड़ा गया तो उसे भविष्य में केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
एक नजर में
तीन जिलों में यूनिवर्सिटी से संबद्ध 300 कॉलेज
दो लाख 76 हजार 409 परीक्षार्थी
एक लाख 64 हजार 109 छात्राएं
मार्च में होंगी परीक्षाएं
यूनिवर्सिटी परिसर और संबद्ध कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं मार्च के पहले सप्ताह से कराई जा सकती है। इसकी तैयारी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शुरू कर दी है। परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख भी सोमवार को खत्म हो गई। यदि तारीख आगे नहीं बढ़ी तो फॉर्म भरने से वंचित विद्यार्थियों की मुश्किल बढ़नी तय है। वे परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।
25 कॉलेजों में नहीं बनेंगे सेंटर
यूनिवर्सिटी से संबद्ध 25 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इनमें पांच कॉलेज ऐसे हैं, जिन्हें नकल के चलते काली सूची में डाला गया है। 20 कॉलेज ऐसे हैं, जहां छात्राओं की संख्या 80 से कम है। इन सबके परीक्षा केंद्र पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित आसपास के कॉलेज में होगी।
केंद्र की सूची से बाहर
ज्ञान भारती कॉलेज रगड़गंज कुशीनगर, देवरिया के रेशमा देवी डिग्री कॉलेज अमवां सोनरिया, बागेश्वरी शिक्षण संस्थान मईल, शांति देवी महिला महाविद्यालय, पिपरा रोहनिया, शांति देवी महाविद्यालय डिबाडार को परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर किया गया है।
फीस ऑनलाइन ही जमा करेंगे कॉलेज
परीक्षा समिति की बैठक में एक और अहम फैसले पर सहमति बनी। इसके तहत कॉलेजों द्वारा शुल्क का भुगतान प्रत्येक दशा में ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा ही स्वीकार होगा। इसमें किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा। वहीं स्वकेंद्र परीक्षा के लिए प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा। जल्द ही केंद्रों की फाइनल सूची जारी की जाएगी।
प्रो. चितरंजन और प्रो. रविशंकर बने सदस्य
स्वकेंद्र प्रणाली को खत्म करने के लिए बनी विशेष कमेटी से व्यस्तता का हवाला देते हुए डॉ. प्रदीप राव के इस्तीफा देने के बाद, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कुलपति के निर्देश पर प्रो. चितरंजन मिश्र और प्रो. रविशंकर सिंह को कमेटी का नया सदस्य बनाया है।