गगहा में करवल मझगांवा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में 37 छात्राएं खसरे से पीड़ित हो गई हैं। इससे विद्यालय की अन्य छात्राओं में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय जाकर छात्राओं का इलाज किया। दवाएं भी दीं, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। बीमारी और फैलने न पाए, इसके लिए बीएसए ने तीन फरवरी से चार दिनों तक विद्यालय बंद करने का आदेश दिया है। सभी छात्राओं को उनके घर भेजवाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
विद्यालय में 27 जनवरी को एक छात्रा खसरे की चपेट में आई। इसके बाद एक-एक कर 37 छात्राएं पीड़ित हो गईं। इसका पता तब चला जब शुक्रवार को एक अभिभावक अपनी पीड़ित बच्ची को घर ले गए। वार्डन अनीता यादव ने बताया कि 27 जनवरी को एक बच्ची बीमारी की चपेट में आई थी। उसे दवा दी गई लेकिन इसके बाद भी अन्य छात्राएं चपेट में आती चली गईं।
उधर, जब यह जानकारी बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी को हुई तो उन्होंने तीन फरवरी से चार दिनों के लिए विद्यालय बंद करने का निर्देश दिया ताकि यह बीमारी अन्य छात्राओं तक न पहुंचे। उन्होंने जिला समन्वयक विवेक जायसवाल को सभी छात्राओं को उनके घर भेजवाने की व्यवस्था करने को भी कहा। इसके अलावा विद्यालय परिसर में सफाई कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जिला समन्वयक ने बताया कि छात्राओं के परिवार वालों को सूचित कर दिया गया है। ज्यादातर छात्राएं घर भेजी जा चुकी हैं। इस बारे में जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. बीके बरनवाल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि विद्यालय की छात्राओं के खसरे से पीड़ित होने की जानकारी उन्हें नहीं है। शनिवार को स्वास्थ्य टीम विद्यालय जाएगी। अगर वहां छात्राएं मिलीं तो उनका इलाज कराया जाएगा।