गोरखपुर यूनिवर्सिटी में 2016-17 सत्र के लिए प्रवेश परीक्षा की शुरुआत बृहस्पतिवार से हो गई। पहले दिन की पहली पाली में बीए तो दूसरी पाली में बीजे की परीक्षा शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गई। यूनिवर्सिटी के 11 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में 5181 अभ्यर्थी शामिल हुए। बीए में 13 तो बीजे में 22 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
बीए की प्रवेश परीक्षा के लिए 1950 सीटों के मुकाबले 5844 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 757 अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। ऐसे में 5087 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा में हिस्सा लिया जबकि बीजे की परीक्षा में 60 सीटों के मुकाबले 114 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें 26 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी, नतीजतन महज 88 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। प्रवेश परीक्षा समन्वयक प्रो. अजेय गुप्ता ने बताया कि परीक्षा के दौरान किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं आया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे ही सभी परीक्षाएं सकुशल तरीके से सम्पन्न करा ली जाएंगी।
सेंटर के लिए भटकते रहे अभ्यर्थी
गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में प्रवेश की आकांक्षा लेकर प्रवेश परीक्षा में पहुंचे अभ्यर्थियों को सेंटर खोजने के लिए काफी भटकना पड़ा। यूनिवर्सिटी का भूगोल न जान पाने की वजह से दीक्षा भवन, कला संकाय, मजीठिया भवन, विधि संकाय जैसे भवन उनके लिए काफी समय तक अबूझ पहेली बनी रही। ऐसे अभ्यर्थियों के सामने और संकट था, जिनका सेंटर गोलघर के महाराणा प्रताप परिसर में मौजूद वाणिज्य संकाय में था। परिसर में गाड़ियों के प्रवेश पर रोक से मुश्किल और भी बढ़ गई। इसके चलते बहुत से विद्यार्थी अपने कक्ष में करीब आधे घंटे की देरी से पहुंचे।