मेडिकल कॉलेज में अब इंसेफेलाइटिस के मरीजों को लाइन नहीं लगानी होगी। नई व्यवस्था के तहत इन मरीजों को भर्ती होने के लिए बिना लाइन में लगे ही यूजर चार्ज काउंटर से पर्चा मिल जाएगा। शनिवार से यह व्यवस्था लागू कर दी गई। पहले एक ही काउंटर पर सभी मरीजों की पर्ची बनती थी, जिसके कारण उन्हें काफी परेशान होना पड़ता था।
पूर्वांचल में काल बन चुकी इंसेफेलाइटिस से हर दिन मौतें हो रही हैं। हर रोज कई मरीज भर्ती भी हो रहे हैं। अभी तक मेडिकल कॉलेज के यूजर चार्ज काउंटर पर सामान्य मरीजों के साथ इंसेफेलाइटिस मरीज के साथ आए तीमारदार भी लाइन में लगते थे। घंटों इंतजार के बाद उनक पर्चा बनता था। इससे परेशान होकर कुशीनगर के एक व्यक्ति ने प्राचार्य से मुलाकात कर उन्हें समस्या की जानकारी दी। प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्रा ने इसे संज्ञान में लेते हुए तत्काल जिम्मेदार को नियम में बदलाव लाते हुए इंसेफेलाइटिस मरीजों को तत्काल भर्ती पर्ची देने का आदेश दिया है।
इंसेफेलाइटिस से तीन की मौत
मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे में इंसेफेलाइटिस से तीन और लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 मरीजों को भर्ती किया गया है। मृतकों में महराजगंज के हिमांशू, गोरखपुर के अन्नू, बिहार की शांति देवी हैं। इसके अलावा गोरखपुर के पांच, महराजगंज और देवरिया के दो-दो, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, मऊ के एक-एक और बिहार के तीन मरीजों को भर्ती किया गया है। इसके साथ ही जनवरी से अब तक 729 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इसमें से 188 मरीजों की जान जा चुकी है, जबकि 94 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है।