जिला अस्पताल में हाजिरी को लेकर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। सुबह 8.45 बजे इस मुद्दे पर कर्मचारियों और चपरासी के बीच नोकझोंक तो हुई ही, दोपहर में कर्मचारियों ने एसआईसी का घेराव कर दिया। एसआईसी का जहां कहना है कि कर्मचारियों ने डॉक्टरों की हाजिरी वाला रजिस्टर फाड़ दिया, वहीं कर्मचारी एसआईसी पर रजिस्टर फाड़ कर फंसाने का आरोप लगा रहे हैं।
यह मामला यहीं नहीं थमा, कर्मचारियों ने डीएम से मुलाकात कर एसआईसी को हटाने की मांग तक कर डाली। एक तरफ एसआईसी ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से हाथापाई करने, अपशब्द कहने, रजिस्टर फाड़ने और उनके कक्ष का दरवाजा तोड़ने के प्रयास का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है, वहीं नर्स नीना और कुसुम ने अपनी तहरीर में एसआईसी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
सितंबर माह में कर्मचारी और डॉक्टर को समय से आने की हिदायत देते हुए एसआईसी ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हीरा को तय समय के बाद रजिस्टर हटा देने का आदेश दिया था। एसआईसी की मानें तो बुधवार को सुबह देर से पहुंचे कर्मचारी एके मौर्या, रमेश सिंह, बीपी सिंह ने हीरा से रजिस्टर मांगा। जब उसने आदेश का हवाला देकर रजिस्टर देने से मना कर दिया तो उसे न सिर्फ अपशब्द कहे गए बल्कि उसके साथ हाथापाई भी की गई। हीरा को मारने की नीयत से कर्मचारियों ने दौड़ाया भी।
शोर सुनकर पहुंचे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने किसी तरह उसे बचाया। कर्मचारियों ने एसआईसी कक्ष कादरवाजा भी तोड़ने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी बीच महिला अस्पताल के एलटी बीबी सिंह पहुंचे और डॉक्टरों का हाजिरी रजिस्टर फाड़कर उठा ले गए। उधर, इस मुद्दे को लेकर नाराज कर्मचारियों ने दोपहर एक बजे राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में डीएम से मुलाकात कर एसआईसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की। इसके बाद उन्होंने एसआईसी कक्ष में पहुंचकर उनका घेराव भी किया।
इस मामले में एसआईसी डॉ. एचआर यादव का कहना है कि जबरदस्ती हाजिरी लगाने को लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हीरा के साथ एके
मौर्या, बीपी सिंह, बीबी सिंह और रमेश ने हाथापाई की। मेरे कक्ष का दरवाजा
तोड़ने का प्रयास किया गया। इस मामले में कोतवाली थाने में तहरीर दी गई है।
कर्मचारी आरोप लगा रहे हैं कि डॉक्टर का रजिस्टर नहीं हटाया गया। डॉक्टर
ओपीडी, इमरजेंसी, इनडोर मरीज देखने के साथ ही 24 घंटे ऑन कॉल ड्यूटी पर
रहते हैं। उनका डॉक्टरों पर आरोप लगाना गलत है।
वहीं, कोतवाली इंस्पेक्टर विजय राज सिंह ने कहा कि एसआईसी ने फोन कर घटना की जानकारी दी है। थाने पर तहरीर पहुंच गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों ने की आंदोलन की चेतावनी
गोरखपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव, महामंत्री अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, बीबी सिंह ने डीएम को दिए गए पत्र में एसआईसी पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कार्यवाहक एसआईसी पर नर्सेज, फार्मासिस्ट, प्रयोगशाला प्राविधिज्ञ, एक्सरे टेक्नीशियन, नेत्र परीक्षण अधिकारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। कहा, अगर उन्हें नहीं हटाया गया 29 दिसंबर को सुबह 8 बजे जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवा को छोड़कर शेष कार्यों का बहिष्कार कर धरना दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी उन्हें नहीं हटाए गया तो 31 दिसंबर को अपर निदेशक चिकित्सा के कार्यालय पर धरना होगा। पत्र में उन्होंने इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने की चेतावनी दी है।