शहरियों को साल के अंतिम दिन बिजली महकमे ने झटका दे दिया। शुक्रवार आधी रात को शहर के करीब आधे हिस्से में ब्लैक आउट सा हाल हो गया। ट्रांसमिशन स्टेशन और हाईटेंशन लाइन में फाल्ट के चलते आठ उपकेंद्रों के लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। सबसे ज्यादा दिक्कत राप्तीनगर उपकेंद्र और 24 घंटे सप्लाई वाले मेडिकल कॉलेज उपकेंद्र से जुड़े लोगों को झेलनी पड़ी। मेडिकल कॉलेज की बिजली शनिवार दोपहर एक बजे तो राप्तीनगर की सप्लाई शाम छह बजे बहाल हो सकी।
शुक्रवार की रात एफसीआई में आने वाली 132 केवी की सप्लाई ट्रिप हो गई। इसके कारण मेडिकल कॉलेज, राप्तीनगर, दुर्गाबाड़ी, रुस्तमपुर, सूरजकुंड में अचानक रात्रि 12 बजे सप्लाई बंद हो गई। मेडिकल कॉलेज में 12 घंटे बाद सप्लाई चालू हो पाई। राप्तीनगर शाम 6 बजे तक पावरकट झेलता रहा। इसका कारण एफसीआई में लगे 40 एमवीए के ट्रांसफ ॉर्मर का लोड न लेना था। विद्युतकर्मियों ने टेस्टिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली। तब जाकर 63 एमवीए ट्रांसफ ॉर्मर से जोड़कर शाम 6 बजे राप्तीनगर में सप्लाई शुरू की गई।
उधर बक्शीपुर को जाने वाली सप्लाई लाइन में मोहद्दीपुर चौराहे के पास इंसुलेटर पंक्चर होने के कारण रात 12 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली गुल रही। रात में काफ ी ढूंढने के बाद भी फाल्ट नहीं मिला। सुबह होते ही कर्मचारी दोबारा फाल्ट ढूंढने में लग गए। तब जाकर करीब 11 बजे विंध्यवासिनी पार्क के सामने इंसुलेटर पंक्चर मिला। यहां हुए फॉल्ट के कारण मोहद्दीपुर 132 केवी के पास जंपर कट गया था। फॉल्ट दुरुस्त कराकर एक बजे बिजली बहाल की जा सकी।