जिले में फर्जी शिक्षकों का मामला थम नहीं रहा है। शनिवार को जहां दो शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया वहीं, लोटन कोतवाली पुलिस ने खंड शिक्षा अधिकारी गोपाल मिश्र की तहरीर पर आठ बर्खास्त हो चुके शिक्षकों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि अभी भी करीब 30 ऐसे शिक्षक हैं जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
बीईओ गोपाल मिश्र की तहरीर पर लोटन कोतवाली पुलिस ने प्राथमिक विद्यालय भुसौला माफी में तैनात शिक्षक अंशु सिंह, प्राथमिक विद्यालय सपही के विनोद कुमार सिंह, प्राथमिक विद्यालय बघेली की शोभा यादव, प्राथमिक विद्यालय बिजदेइया की कनकलता सिंह, प्राथमिक विद्यालय सैनुआ के अटलबिहारी सिंह, प्राथमिक विद्यालय बड़हरा के जितेंद्र कुमार तिवारी, प्राथमिक विद्यालय रसियावल कला के शुभंजय कुमार सिंह, प्राथमिक विद्यालय हरबंसपुर के मोहम्मद अजहर इमाम के खिलाफ धोखाधड़ी और फ्राड का केस दर्ज किया गया है।
आरोप है कि इन लोगों ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कर नौकरी हासिल की थी। बताया जाता है कि ये शिक्षक महराजगंज, देवरिया व आजमगढ़ के निवासी हैं। इसके अलावा बर्खास्त शिक्षकों में डुमरियागंज ब्लॉक का अनस यादव और बांसी ब्लॉक की प्रिया यादव शामिल हैं। बीईओ गोपाल मिश्र ने बताया कि बीएसए के निर्देश पर केस दर्ज कराया गया है।
एसओ लोटन अवधनारायण यादव ने बताया कि बीईओ की तहरीर पर आठ शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही सभी फर्जी शिक्षकों को जेल भेजा जाएगा।
एसटीएफ की जांच में खुलती गई पोल
फर्जी शिक्षकों के मामले में एसटीएफ ने जब देवरिया भाटपार रानी कुंइचवर के रहने वाले शिक्षक राकेश सिंह, लिपिक धर्मेंद्र सिंह, बीएसएए के स्टेनो हरेंद्र सिंह, सच्चिदानंद पांडेय सहित अन्य तीन लोगों को गिरफ्तार किया तो परत दर परत फर्जी शिक्षकों की पोल खुलती चली गई। शिक्षक माफिया ने बताया था जिले में करीब 500 से अधिक फर्जी शिक्षक नौकरी कर रहे हैं जिनकी राजनीतिक पकड़ व विभागीय सांठगांठ है।