भगत चौराहे के पास सड़क किनारे गिराई गई गिट्टी बालू।
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तारामंडल रोड पर खामोशी से ‘नया ट्रांसपोर्टनगर’ बसाने के मामले में ट्रैफिक पुलिस ने चार ट्रकों का चालान कर छोड़ दिया, नतीजतन अगले दिन से उस रोड पर बालू-गिट्टी लदे ट्रकों का न केवल जमावड़ा लगने लगा बल्कि अब धीरे-धीरे दायरा भी बढ़ने लगा है। हालांकि ‘अमर उजाला’ के इस मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद अब कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद ने सख्ती दिखाई है।
उन्होंने बुधवार को खनन प्रभारी व एडीएम फाइनेंस, आरटीओ और ट्रैफिक महकमे के अफसरों की संयुक्त टीम बनाकर अवैध ढंग से खड़े हो रहे ट्रकों के मालिकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया है। कमिश्नर के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि यह सड़क अब साफ हो जाएगी।
एक महीने से तारामंडल रोड पर हाईवे से लेकर पंचमुखी हनुमान मंदिर के सामने तक रोजाना सुबह के वक्त सैकड़ों की संख्या में बालू-गिट्टी लदे ट्रक खड़े होते हैं। आधी रात से ही इन ट्रकों का जमावड़ा इस सड़क पर शुरू हो जाता है जो सुबह तकरीबन आठ बजे तक चलता है। माल का सौदा होने के बाद ये गाड़ियां संबंधित ठिकानों के लिए रवाना हो जाती हैं। आधी सड़क पर इन ट्रकों के कब्जा कर लेने से दूसरे वाहनों विशेषकर दो पहिया और पैदल राहगीरों को काफी दिक्कत होती है। आधी सड़क पर ही दोनों तरफ से आवागमन होने से पटरी पर चलने के लिए जगह ही नहीं बच पाती है। नतीजतन प्राय: इस सड़क पर कोई न कोई चुटहिल होता रहता है। सुबह टहलने वाले कुछ लोगों ने इसकी शिकायत रामगढ़ पुलिस चौकी पर भी की, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सड़कों पर चल रहीं बालू-गिट्टी की दुकानें
शहर की तमाम सड़कों पर ही बालू-गिट्टी की दुकानें चल रही हैं। यह मामला यातायात को लेकर करीब दो महीने पहले हुई कई महकमों की बैठक में भी उठा था। माना गया था कि सड़क या उसकी पटरियों पर रखकर बेची जा रहीं गिट्टी-बालू की वजह से भी जाम की स्थिति बनती है। कमिश्नर ने जीडीए को अभियान चलाकर ऐसे दुकानदारों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे, मगर इसी बीच तत्कालीन जीडीए उपाध्यक्ष शिव श्याम मिश्रा का तबादला हो गया। इसके साथ ही जीडीए ने आदेश की कापी उठाकर रख दी। प्राधिकरण की तरफ से अभी तक ऐसे किसी भी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। देवरिया बाईपास, पादरी बाजार, रुस्तमपुर, मेडिकल रोड समेत तमाम व्यस्ततम सड़कों पर यह धंधा फल-फूल रहा है।