गोरखपुर।
दिवाली पर्वों की श्रृंखला
का पहला पर्व धनतेरस सोमवार
को श्रद्घा,
भावना,
भक्ति
और हर्षोल्लास के वातावरण
में धूमधाम से मनाया गया। घरों
और दुकानों पर रंग-बिरंगे
झालर जल रहे हैं और पूरा शहर
रोशनी से नहाया हुआ है। बड़ी
संख्या में लोग घरों से निकले
और शगुन की खरीदारी करते हुए
मां लक्ष्मी से लगातार धनागमन
की प्रार्थना की।
हालांकि,
धनतेरस
को लेकर बाजार की तैयारी दो
दिन पहले ही दिखने लगी थी लेकिन
त्यौहार के दिन सुबह से वह
पूरे रौ में आ गई। हर वर्ग के
लिए हर रेंज का सामान बाजार
में उपलब्ध था। दोपहर 12
बजते-बजते
दुकानों पर लोगों की भीड़
उमड़ने लगी। इलेक्ट्रॉनिक
सामान,
फर्नीचर
की दुकान और आभूषण की दुकान
हर जगह लोगों भारी तादात थी।
उसके बाद शगुन की खरीदारी का
जो सिलसिला शुरू हुआ,
वह
देर रात तक चलता रहा। आभूषण
की दुकानों पर भीड़ देखने लायक
थी। बड़ी तो बड़ी छोटी-छोटी
दुकानों पर भी लोग उमड़े।
लोगों ने आभूषणों की खरीदारी
तो की ही,
शुभ
के लिए स्वास्तिक और गणेश-लक्ष्मी
के चांदी के सिक्के भी खरीदे।
घंटाघर पर मौजूद एक आभूषण
व्यवसायी संतोष वर्मा ने बताया
कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस
बार सिक्कों की बिक्री में
डेढ़ गुने का इजाफा हुआ है।
शगुन
के चम्मच और गिलास की रही डिमांड
गोरखपुर।
धनतेरस पर पसंदीदा सामानों
की खरीद के बाद परंपरा निभाने
के लिए हर पुरुष और महिला के
कदम बर्तन की दुकान की ओर बढ़े।
कुछ लोगों ने डिनर सेट,
थाली
सेट या फिर गिलास सेट की खरीदारी
की तो कुछ ने महज एक चम्मच या
गिलास खरीदकर रस्मअदायगी की।
इसके चलते चम्मच और गिलास की
विशेष डिमांड देखी गई। बर्तन
को लेकर तरह-तरह
के प्रयोग भी लोगों को खूब
भाए। वर्तनों पर उकेरे गए
फूलों और खूबसूरत व सजावटी
रूप देने के लिए ढाले गए नए
आकार के वर्तनों की अच्छी
खरीदारी हुई।