डॉ. बी कुमार जिला अस्पताल के नए एसआईसी होंगे। वह डॉ. एचआर यादव की जगह लेंगे। अस्पताल के कुछ कर्मचारी और पीएमएस अध्यक्ष डॉ. सीपी मल्ल कई दिनों से डॉ. यादव को हटाने की मांग कर रहे थे। इस पर एडी हेल्थ ने मंगलवार को वरिष्ठता के आधार पर डॉ. बी कुमार को एसआईसी का चार्ज दे दिया।
पिछले दिनों हाजिरी को लेकर कुछ कर्मचारियों का पूर्व एसआईसी डॉ. एचआर यादव से विवाद हो गया था। इस पर डॉ. यादव ने कर्मचारियों पर तोड़फोड़, सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने चार कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया था, जिसके विरोध में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की अगुवाई में अस्पताल की तीन नर्सें और कर्मचारी उन्हें हटाने की मांग कर रहे थे।
इस बीच डॉ. बी कुमार ने खुद को वरिष्ठ बताते हुए एसआईसी पद की दावेदारी पेश दी थी। पूर्व में तय कार्यक्रम के तहत कर्मचारी रूपेश कुमार श्रीवास्तव, बीबी सिंह की अगुवाई में एडी हेल्थ दफ्तर पहुंचे और एसआईसी को हटाए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। देर शाम एडी हेल्थ ने डॉ. बी कुमार को एसआईसी का प्रभार दे दिया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष बीबी सिंह ने कहा कि यह कर्मचारियों की जीत है। कर्मचारियों का उत्पीड़न करने में डॉ. यादव अपना समय बर्बाद करते थे न की मरीजोें के हित में काम करने में।
एडी हेल्थ डॉ. आरके तिवारी ने कहा कि वरिष्ठता के आधार पर कार्यवाहक एसआईसी को चार्ज दिया जाता है। पूर्व में डॉ. बी कुमार ने अस्वस्थ होने की वजह से चार्ज छोड़ा था अब उन्होंने चार्ज लेने के लिए पत्र लिखा था जिस आधार पर उन्हें चार्ज दिया गया है।
डॉ. एसके यादव को दे गए चार्ज
एसआईसी रहे डॉ. एचआर यादव 9 जनवरी तक अचानक छुट्टी पर चले गए हैं और अपना चार्ज पैथोलॉजिस्ट डॉ. एसके यादव को दे गए हैं। इस पर कर्मचारी उंगली उठा रहे हैं। उनका कहना है कि चूंकि डॉ. एसके यादव से वरिष्ठ कई चिकित्सक अस्पताल में मौजूद हैं, ऐसे में उन्हें चार्ज न देना गलत है। हालांकि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव भी छुट्टी पर हैं। इस वजह से डॉ. एसके यादव को चार्ज दिया गया है।
चार्ज को लेकर हो सकता है विवाद
जिला अस्पताल में एसआईसी के चार्ज को लेकर विवाद हो सकता है। डॉ. बी कुमार ने कहा है कि आदेशानुसार वह बुधवार को एसआईसी का चार्ज लेंगे। वहीं एसआईसी रहे डॉ. एचआर यादव ने कहा कि वह छुट्टी पर हैं। मंगलवार शाम छह बजे तक वह दफ्तर में थे, तब तक उनके पास मामले से संबंधित कोई आदेश नहीं मिला। आदेश मिलने के बाद नियमानुसार काम किया जाएगा।