जिला चिकित्सालय में डॉक्टर के इन्तजार मे बैठा मरीज।
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जिला अस्पताल के नेत्र विभाग की ओपीडी से सोमवार को कई मरीज बिना इलाज के ही लौट गए। यहां पर जिस डॉक्टर की ड्यूटी लगी थी उनका तबादला हो चुका है और वह कुछ देर मरीज देखने के बाद चले गए, जबकि दूसरे डॉक्टर की ड्यूटी एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने आए मरीज की जांच में लगा दी गई थी, जिससे मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में आंख के चार डॉक्टर हैं। एक डॉक्टर छुट्टी पर चल रहे हैं तो एक के आने-जाने का समय खुद अस्पताल प्रशासन को भी नहीं मालूम। बचे दो डॉक्टरों में एक का तबादला हो चुका है तो दूसरे डॉक्टर की ड्यूटी एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने आए मरीजों की जांच में लगा दी गई थी। हालांकि तबादला पाए डॉ. मनोज को सोमवार दोपहर में रिलीव किया गया। सुबह दस बजे तक मरीजों को देखने के बाद वह चले गए। इसके बाद लाइन में लगे कई मरीजों को बिना इलाज ही लौटना पड़ा।
दो घंटे लाइन में लगा था
मैंने अपने आंख का ऑपरेशन कराया था। सोमवार को उसकी जांच के लिए डॉक्टर ने बुलाया था। दो घंटे लाइन में लगा रहा। पहले बताया गया कि डॉक्टर आएंगे, फिर कल आने को बोलकर पर्ची लौटा दी गई।
- रामवृक्ष गुप्ता, कुशीनगर
कल फिर आएंगे
लंबी लाइन लगाकर पर्ची कटवाने के बाद ओपीडी में काफी देर तक लाइन में लगा रहा। बाद में कहा गया कि डॉक्टर नहीं हैं, कल आईए। बेटे की आंख में परेशानी थी, उसी को दिखाना था। प्राइवेट में जा नहीं सकते। अब कल फिर आना पड़ेगा।
- अंदना देवी, बहरामपुर
‘डॉ. मनोज की ड्यूटी थी और वह ओपीडी में थे। हो सकता है कि कुछ देर के लिए कहीं चले गए हों। मरीजों के लौटने की जानकारी नहीं है।’
- डॉ. एचआर यादव, एसआईसी