रेती चौक पर खरीदारी करतीं महिलाएं।
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रमजान के 28 दिन बीतने के बाद रोजेदारों को एक तरफ ईद के एलान का इंतजार है तो दूसरी तरफ त्यौहार की तैयारियों को अंतिम देने की जल्दबाजी भी। शहर के उर्दू बाजार, रेती चौक, नखास चौक, माया बाजार, जाफरा बाजार, गोरखनाथ, गोलघर जैसे प्रमुख बाजारों में उमड़ी भीड़ इसकी तस्दीक करती है। सबसे ज्यादा भीड़ फैशन और ज्वैलरी की दुकानों पर देखी जा रही है, जहां महिलाओं की जद्दोजहद परिधान से मैच करती ज्वेलरी तलाशने की है ताकि त्यौहार पर सजने-संवरने में कोई कसर न रह जाए। उधर इत्र की दुकानें भी पूरे शबाब पर हैं। महिला हो या पुरुष हर कोई अपने पसंद की खुशबू वाले इत्र खरीद हवा की फिज़ां बदलने की कोशिश में है। बाजार देशी-विदेशी इत्र की वेरायटी से सजा हुआ है। इत्र को लेकर इस्लाम की रवायत है कि इससे रूह को ताजगी मिलती है।
मजमुआ और फिरदौस की है खास मांग
यूं तो बाजार में तरह-तरह के इत्र की मौजूद है लेकिन मजमुआ व जन्नत-ए-फिरदौस के अलावा उद व हुदहुद की खास डिमांड है। वजह इनकी इत्रों की भीनी खुशबू है, जो दिमाग को तरोताजा कर देने वाली है। अरबी ब्रांड उद की गुलाब और हुदहुद में चमेली के फूल की महक का तो पिछले कई सालों से बाजार पर राज है। पिछले दो दशकों से इत्र का व्यवसाय करने वाले मोहम्मद उमर सिद्दीकी बताते हैं कि प्राकृतिक खुशबू पर खरीदारों का ज्यादा जोर है। यह न केवल फायदेमंद है बल्कि पाकीजगी भी कायम रखती है।
उनका कहना है कि बाजार में 20 लेकर 1000 रुपये तक के इत्र मौजूद हैं लेकिन दाम से खुशबू पर फर्क पड़ता है। दाम जितना अधिक होगा, खुशबू उतनी ही सुखदायी होगी। उन्होंने बताया कि अजमल जैसे महंगे इत्र के भी शौकीन ग्राहक भी दुकान पर दस्तक दे रहे हैं। सिद्दीकी के मुताबिक नूर, अजीज, खयाल, दुबई गोल्ड, नाजनीन, आइसबर्ग, मुश्क अंबर, मैगनेट, अतर संदल, बहार, कस्तूरी जैसे इत्र बाजार में मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर इत्र कन्नौज और मुंबई से मंगाई जाते हैं। उधर, गरीबों के शौक भी पूरे हो सकें, इसके लिए खुले इत्र का बाजार भी सजा है। वहां न्यूनतम पांच रुपये तक का इत्र मौजूद है।
फबेगी प्लाजो सूट पर लंबी ईयर रिंग
परिधान के मुताबिक ज्वैलरी हो, इसके लिए बाजार में महिलाएं हर मशक्कत के लिए तैयार हैं। फैशन और ज्वेलरी की दुकानों पर पहुंची महिलाएं तब तक डेरा जमाए रह रही हैं जब तक उन्हें मैचिंग की ईयर रिंग, चूड़ी-कंगन और हार नहीं मिल जा रहा। दोपहर बाद ही इन दुकानों पर महिलाओं की खासी भीड़ लग जा रही है। गोलघर में फैशन के सामानों के विक्रेता असदुल्लाह बताते हैं ईयर रिंग को लेकर महिलाओं में ज्यादा संजीदगी है। ज्यादातर महिलाएं लंबा ईयर रिंग पसंद कर रही हैं।
उनका कहना है कि प्लाजो सूट पर लंबी ईयर रिंग ज्यादा फबती है। वैसे बाजारीव-मस्तानी फिल्म में मस्तानी का ईयर रिंग लड़कियों को काफी भा रहा है। चांद ईयर रिंग की भी खासी डिमांड है। हल्के वजन के हार पर महिलाओं का जोर है, बशर्ते उसका लॉकेट पहनावे की मैचिंग का हो। जहां तक चूड़ी की बात है तो कांच और मेटल की चूड़ियों की ज्यादा बिक्री है। कड़ा और कंगन काफी बिक रहा है। इसके अलावा हैदराबादी स्पाइरल ज्वेलरी सेट और कॉपर वाले ज्वेलरी सेट ईद के मौके पर खूब बिक रहे हैं। असदुल्लाह ने बताया कि महिलाओं की डिमांड को देखते हुए सामान मंगाने और बेचने का सिलसिला चांद रात तक चलता रहेगा।