विश्व मधुमेह दिवस : पदयात्रा-गोष्ठी से किया जागरुक
गोरखपुर। विश्व मधुमेह दिवस पर अमर उजाला, नेशनल हेल्थ मिशन, प्रदेश सरकार, वर्ल्ड डायबिटीज फाउंडेशन, महावीर शिक्षण संस्थान, एनसीसी और एनएसएस की ओर से जागरूकता गोष्ठी एवं पदयात्रा का आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के पंत पार्क में आयोजित कार्यक्रम छात्र-छात्राओं से लेकर शहरवासियों तक को मधुमेह के प्रति जागरूक कर गया। गोष्ठी के बाद एडिशनल सीएमओ ने हस्ताक्षर अभियान का उद्घाटन किया और झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह नौ बजे गोष्ठी से हुई। मुख्य अतिथि एडिशनल सीएमओ एनके पांडेय ने बताया कि विश्व का हर पांचवां व्यक्ति मधुमेह का रोगी है। इस बीमारी को लेकर दिन प्रतिदिन स्थिति भयावह होती जा रही है। इसलिए 14 नवंबर को पूरे विश्व में पदयात्रा का आयोजन करके मधुमेह के प्रति लोेगों को जागरूक किया जाता है। इस बीमारी का निदान नहीं है, लेकिन परहेज, व्यायाम और दवाओं के जरिए इस पर काबू पाकर लंबा और स्वस्थ जीवन जीया जा सकता है। गोष्ठी के बाद पंत पार्क में ही हस्ताक्षर अभियान चला। जिसकी शुरुआत एडिशनल सीएमओ ने की। हस्ताक्षर कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. प्रतीक श्रीवास्तव, एके प्रसाद, अजय कुमार सिंह, डॉ. शकील आजम, अलका शुक्ला, जेपी राव, सुनीता पटेल, सुबेदार मेजर बेलास राव, कर्नल अजय सिंह, कनवर, नीता सहित बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स व एनएसएस के छात्र छात्रांए मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय से सीएमओ कार्यालय तक निकाली पदयात्रा
एनसीसी कैडेट्स राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने पंत पार्क से गोरखपुर विश्वविद्यालय, डीएम आवास, हरिओम नगर तिराहा, कचहरी चौक, शास्त्री चौक होते हुए सीएमओ कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान एनसीसी कैडेट्स हाथों में बैनर लिए मधुमेह जागरूकता का संदेश दे रहे थे। पदयात्रा के समापन पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीके सुमन ने कहा कि मधुमेह दो प्रकार का होता है। टाइप वन मधुमेह जन्मजात होता है। टाइप टू मधुमेह बिगड़ी जीवनशैली के कारण होता है। प्रतिदिन 40 मिनट का व्यायाम और सही खानपान लोगों को मधुमेह को काबू में किया जा सकता है।