गड़ौरा महराजगंज की जेएचवी शुगर मिल पर गोरखपुर क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय के प्रवर्तन अधिकारियों की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। मिल के गोदाम में पड़ी 60 हजार बोरी चीनी को जहां सीज कर दिया गया है वहीं मिल के मालिक जवाहर जायसवाल, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर गौरव जायसवाल, सीजेएम (चीफ जनरल मैनेजर) अशोक कुमार पाठक और शुगर सेल इंचार्ज यतींद्र कुमार पांडेय पर धोखाधड़ी आदि मामलों में ठूठीबारी थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
मिल कर्मचारियों के पीएफ का अंशदान न जमा करने पर महकमे ने मिल प्रबंधन के खिलाफ 1.26 करोड़ रुपये की आरसी जारी की थी। इसके बाद भी रकम न जमा करने पर सहायक आयुक्त विकास कुमार गुप्ता विकास कुमार गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की। कर्मचारियों के पीएफ का यह बकाया 2013 के पहले का है। पीएफ कमिश्नर वीवीबी सिंह के मुताबिक मिल पर अप्रैल 2013 से लेकर मार्च 2015 तक के बकाये का भी निर्धारण हो गया है। यह बकाया 1.98 करोड़ रुपये है। इसे लेकर भी विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। रकम जमा करने के लिए 15 दिन की मोहलत और फिर नोटिस देने के बाद भी जब मिल मालिक ने रकम नहीं जमा की तो विभाग ने मिल के यूनियन बैंक के महराजगंज और वाराणसी स्थित सभी खाते अटैच कर दिए हैं।
चीनी मिल प्रबंधन को बकाया रकम जमा करने के लिए कई बार मौका दिया गया। आरसी जारी करने पर भी जब कर्मचारियों के पीएफ अंशदान की रकम नहीं जमा की गई तो विभाग ने मिल के गोदाम में पड़ी चीनी की सभी बोरियां सीज कर दीं। मालिक समेत चार लोगों पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। बकाये के ही मामले में उनके बैंक एकाउंट भी अटैच किए गए हैं।
- वीवीबी सिंह, पीएफ कमिश्नर