नगर निगम के केंद्रीय सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों से चल और अचल संपत्ति का ब्योरा मांगा गया है। नगर विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद निगम के लेखाधिकारी बृजेश सिंह ने सभी कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देने को कहा है। कर्मचारियों को अपने अलावा अपनी पत्नी और बच्चों की संपत्ति का ब्योरा भी देना है।
यह कोई नई कवायद नहीं है। सभी विभागों में केंद्रीय सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 2012 से चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देने का प्रावधान किया गया है, लेकिन काले धन के खिलाफ केंद्र सरकार की मुहिम के बाद नगर विकास विभाग ने फिर से नगर निगम के ऐसे कर्मियों से ब्योरा तलब किया है। इसके तहत कर्मियों को अपना, अपनी पत्नी का और अपने आश्रितों की चल संपत्ति (बैंक खाता, फिक्स डिपोजिट, शेयर, एनएससी) के विस्तृत ब्योरे के अलावा अचल संपत्ति यानी घर, जमीन का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराना है।
आदेश जारी होने के बाद इस दायरे में आने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों ने ब्योरा उपलब्ध कराना भी शुरू कर दिया है। नगर निगम में केंद्रीय सेवा के ऐसे 40 अधिकारी एवं कर्मचारी हैं। इस संबंध में सभी को नोटिस जारी की गई है।