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डेंगू का डर फैला रहीं घटिया जांच किट

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डेंगू का डर फैला रहीं घटिया जांच किट
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एहतेशाम उद्दीन अहमद
गोरखपुर। निजी अस्पताल और पैथोलॉजी मेें जांच के बाद डेेंगू पीड़ित बताए गए 82 फीसदी मरीज एलाइजा परीक्षण में इस बीमारी से मुक्त पाए गए। जांच में इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिलने से हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने पड़ताल शुरू की। कारण सामने आया कि अधिकतर जांच किट विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुरूप नहीं थीं। घटिया जांच किट ने लगभग प्रत्येक नमूने को डेंगू पॉजिटिव बताया। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू जांच किट आपूर्ति कर्ताओं को गुणवत्ता युक्त किट ही आपूर्ति करने का निर्देश जारी किया है।
जिला अस्पताल के वेक्टर जनित रोग कंट्रोल रूम केे आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 7 नवंबर 2019 तक जिले में सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों से डेंगू के 326 नमूने जांच को भेजे गए। प्राथमिक जांच में यह सभी मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए थे। एलाइजा परीक्षण किए जाने पर प्रत्येक दस में से आठ नमूने फेल हो गए। यानी अस्सी फीसदी से अधिक नमूने डेंगू निगेटिव थे। 326 नमूनों में से 59 यानी मात्र 18.09 फीसदी मरीज ही डेंगू पीड़ित पाए गए।
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अधिकतर नमूने फेल होने पर जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय की ओर से पड़ताल की गई। जांच में पाया गया कि जिन एनएस वन किट (डेंगू जांच की रैपिड किट) में डेंगू पॉजिटिव पाया गया वह विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों पर खरी नहीं थीं। जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय ने डेंगू जांच किट आपूर्ति करने वाली फर्मों को गुणवत्तापूर्ण किट ही देने का निर्देश किया है।
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घटिया जांच किट साधारण या वायरल बुखार के मरीज को भी डेंगू पॉजिटिव बताती हैं। इससे मरीज और उसके परिजनों में भय पैदा हो रहा है। जिले की सभी फार्मेसी को पत्र जारी किया गया है कि भारत सरकार या विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक का पालन करने वाली डेंगू जांच किट ही आपूर्ति करें।
डॉ. अरविंद कुमार पांडेय, जिला मलेरिया अधिकारी
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