राम मंदिर के पक्ष में आएगा सुप्रीमकोर्ट का फैसला : वेदांती
- 18 अक्टूबर को संत-महात्माओं का सपना होगा साकार
टीपी शाही
गोरखपुर। वशिष्ठ आश्रम, अयोध्या के पीठाधीश्वर एवं पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने कहा कि 18 अक्टूबर को सुप्रीमकोर्ट का फैसला राम मंदिर के पक्ष में आएगा। बोले- मंदिर के पक्ष में इतने पुख्ता प्रमाण हैं कि दावे के साथ कह सकता हूं कि फैसला मंदिर के पक्ष में ही होगा। 18 अक्टूबर को करोड़ों हिंदुओं और साधु संतों का सपना साकार होगा। जहां रामलला विराजमान हैं, वही राम मंदिर का निर्माण होगा।
गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की जयंती पर आयोजित समारोह में गोरखपुर आए वेदांती ने ये बातें बुधवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कुछ अधिवक्ता पाकिस्तानी फंडिंग से मामले को अब भी लटकाना चाह रहे हैं। सुप्रीमकोर्ट ने यह सब समझ लिया है। मोदी-शाह की अगुवाई में मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा- जहां विवादित ढांचा ढहाया गया था, सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर वहां खुदाई में सभी हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां और उनके अवशेष हैं। वहां पर हनुमान जी की मूर्ति, दुर्गा जी की प्रतिमा, बारह भगवान, धनुष-बाण, शंख-गदा, चक्र मिला है। उन्होंने दावा किया कि इन सभी साक्ष्यों को देखने के बाद सुप्रीमकोर्ट ने यह मान लिया है कि जहां रामलला विराजमान हैं वहीं रामलला का जन्म हुआ था।
वेदांती ने कहा कि कुछ दिन पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़ा ने समझौते के लिए सुप्रीमकोर्ट में आवेदन दिया था। वक्फ बोर्ड तारीख लेकर निर्णय को टालना चाहता था पर उन लोगोें को समय नहीं मिला। अपना तर्क देते हुए वेदांती ने कहा कि वह इसलिए आश्वस्त हैं क्योंकि मलयेशिया और पाकिस्तान में मंदिर हटाने के लिए वहां के लोगों सुप्रीमकोर्ट में मुकदमे किए थे। कोर्ट ने कहा कि मंदिर नहीं हटेगा, मस्जिद बनाना है तो दूसरी जगह बना लो। कहा कि मुस्लिम देश में जब मंदिर नहीं हट सकता तो यहां कैसे हटेगा। दूसरे देशों में इस तरह का निर्णय देखने के बाद मुझे लगता कि सुप्रीमकोर्ट ने मंदिर के पक्ष में निर्णय देने का फैसला कर लिया है। गवाही के दौरान मुझसे पूछा गया कि रामलला का जन्म कब हुआ था? तब मैंने बताया कि एक करोड़ इक्यासी लाख साठ हजार साल पहले। जब उनका जन्म हुआ था तब न सुन्नी वक्फ बोर्ड था न ही कोई अखाड़ा।