नाले में बच्चे का शव मिला, पहचान पर दिनभर माथापच्ची
गोरखपुर। शाहपुर इलाके के गोड़धोइया नाले में शनिवार की सुबह एक बच्चे के शव की पहचान को लेकर पुलिस दिनभर उलझी रही। पहले शव घोषीपुरवा से लापता सगे भाइयों में से एक का होने की आशंका जताई गई। पिता ने शव की पहले शिनाख्त भी की लेकिन फिर शाम में बेटे तौहीद का शव होने से इंकार कर दिया। दिनभर की माथापच्ची के बाद एसपी सिटी ने डीएनए टेस्ट कराने का फैसला करके शव को पोस्टमार्टम के बाद मोर्चरी में लावारिस में दाखिल कराकर रखवा दिया है। उधर, सुबह से ही एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ, सीओ क्राइम प्रवीण सिंह मौके पर पहुंचकर परिवार को समझाने की भी कोशिश करते रहे।
घोषीपुरवा मोहल्ले से करीब एक किलोमीटर दूर जेल बाईपास रोड के पास गोड़धोइया नाले की शनिवार को सुबह सफाई कराई जा रही थी। इसी दौरान बाईपास रोड पर बनी पुलिया के नीचे बच्चे की लाश मिली। शव बुरी तरह खराब हो चुका था। राजू डोम और उनकी पत्नी को बुलवाकर किसी तरह से पुलिस शव को बाहर निकलवाया गया। फिर पुलिस अफसर भी पहुंचे और आफताब को बुलाकर शिनाख्त की कोशिश की गई। क्योंकि आफताब के बच्चे लापता हैं। शव जिस जगह पर मिला था, वहां से आफताब घर के पीछे है। पुलिस अपने पास मौजूद फोटो में कपड़े के रंग के आधार पर शिनाख्त की थी। पिता ने भी पहले पहचान की लेकिन देर शाम उन्होंने बेटे का शव होने से इंकार कर दिया।
उधर, शाम को शाहपुर थानेदार समझाने के लिए घर गए तो नाराज मां ने दूसरे बच्चे को लाने की बात कहते हुए थानेदार को पकड़कर रोने लगी। इस दौरान उनका बिल्ला गिर गया और शर्ट के बटन भी टूट गए। पिता और मां के इंकार के बाद एक बार फिर एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। परिवार को मेडिकल कॉलेज लाया गया लेकिन दोबारा इन्कार के बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।
कपड़ा धुलने के बाद किया इंकार
बच्चे का शव मिलने के बाद पहले तो उसकी पहचान आफताब आलम ने बड़े बेटे तौहीद के रूप में कर दी। लेकिन बाद में बच्चे के बाबा ने दूसरे बच्चे का पता न चल पाने की वजह से शव को तौहीद का मानने से इंकार कर दिया। देर शाम बच्चे के बाबा को शव की शिनाख्त कराने के लिए पुलिस पोस्टमार्टम हाउस ले गई थी। उन्होंने शव से निकाले गए कपड़े धुल कर देखने के बाद शव को तौहीद का होने से इंकार कर दिया। पुलिस के कहने पर उन्होंने शव तौहीद का न होने की बात लिखकर भी दे दी।
दिनभर पोकलेन मशीन से की गई तलाश
नाले से एक शव पाए जाने के बाद दूसरे शव की उम्मीद में पुलिस दिनभर पोकलेन मशीन की मदद से शव की तलाश करती रही, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाया। मां के मुताबिक यदि बच्चे डूबे होते तो दोनों का शव मिलता। नाकामी छिपाने के लिए दूसरे के शव को बेटे का बता रही है।
डीएनए टेस्ट की मांग उठी
एक बार पिता ने बेटे के रूप में शव की शिनाख्त तो कर दी लेकिन फिर पड़ोसियों के जुटने और बातचीत के बाद वह इंकार कर दिया। उनकी भी यही मांग थी कि डीएनए टेस्ट कराया जाए या फिर दूसरे शव को भी बरामद किया जाए।
27 सितंबर से लापता है दो भाई
घोषीपुरवा निवासी आफताब के दो बेटे तौहीद (8) और तौसीफ (6) 27 सितंबर से ही लापता है। दोनों घर से नमाज पढ़ने को निकले थे और उसके बाद घर नहीं लौटे। पुलिस ने इस मामले में अपहरण का केस दर्ज की है। शुरुआती जांच में पुलिस को भी यही आशंका था कि दोनों बच्चे नाले में गिर गए होंगे। नाले में काफी तलाश के बाद भी बच्चे नहीं मिले थे।
नाले में बच्चे का शव मिलने के बाद पिता ने शिनाख्त की थी लेकिन बाद में उन्होंने इंकार कर दिया। डीएनए टेस्ट के लिए नमूना लिया गया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी