सहारनपुर में दलितों से विवाद और सरकार की किरकिरी का डैमेज कंट्रोल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर से किया। मुख्यमंत्री ने दलित बहुल बस्ती में जाकर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही दलितों पर सरकार का एजेंडा साफ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का एजेंडा दलितों का सर्वांगीण विकास है। किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा। सरकार गांव और गरीब का हमेशा ख्याल रखेगी। मुख्यमंत्री ने दलित चिंतक और समाजसेवी राम अवध प्रसाद सहित करीब 120 लोगों के साथ जमीन पर बैठकर सहभोज भी किया।
सहारनपुर कांड के बाद मुख्यमंत्री ने पहली बार गोपालगंज उर्फ हरनामपुर गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया। यह क्षेत्र गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से जुड़ा और दलित बहुल है। 2011 की जनगणना के हिसाब से इस गांव की आबादी 4500 है। इसमें से 35 फीसदी दलित हैं। इस क्षेत्र में 15-20 हजार दलित बस्तियां भी हैं। इसी का नतीजा रहा कि मुख्यमंत्री का पूरा भाषण डॉ. अंबेडकर और दलितों के इर्द-गिर्द घूमा। इस कार्यक्रम को दलित राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने डॉ. अंबेडकर को आधुनिक भारत का शिल्पी बताया और कहा कि जातिवाद के नाम पर देश को कमजोर करने वाले बेनकाब हो गए हैं। उनका इशारा सहारनपुर की तरफ था। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, सपा और बसपा को भी निशाने पर लिया और कहा कि ये पार्टियां जाति आधारित राजनीति करती हैं लेकिन इन पार्टियों ने डॉ. अंबेडकर को उचित सम्मान नहीं दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. अंबेडकर के जीवन से जुड़े पंच तीर्थ पर विशाल स्मारक बनवाए। इंग्लैंड में भी स्मारक, दलित छात्रावास बनवाकर स्कालरशिप का विशेष इंतजाम कराया। मुख्यमंत्री ने नोटबंदी को डॉ. अंबेडकर की सोच से जोड़ा और कहा कि संविधान के रचयिता ने कहा था कि आर्थिक भ्रष्टाचार रोकना है तो हर 10 साल में करेंसी बदलनी चाहिए। इस सोच से सभी नेता, राजनीतिक दल वाकिफ थे, फिर भी किसी ने साहस नहीं जुटाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी करके देश को आर्थिक भ्रष्टाचार से निजात दिलाने की पहल की है। कैशलेस ट्रांजेक्शन के एप को भीम नाम दिया, जो बाबा साहेब को समर्पित है।
दलितों पर योगी के बोल
- केंद्र सरकार ने देश के हर बैंक को दलित परिवारों को गोद लेने का लक्ष्य दिया है। इसके तहत 25000 दलित युवाओं को सम्मान मिला है। सभी विकास योजना से जुड़े हैं।
- हर दलित के घर बिजली पहुंचे, यह हमारा नारा नहीं जीवन का मिशन है। इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा।
- दो महीने में अलग-अलग योजनाओं में एससी, एसटी को 10 करोड़ रुपये की स्कालरशिप दी गई है। पिछली सरकारों के पास इसका हिसाब-किताब नहीं था।
- सरकार का एजेंडा दलित, किसान और गरीबों का पूर्ण उत्थान करना है।