सांड़ों को पकड़ने के बाद सड़कों पर अब इनकी संख्या कम नजर आ रही है, लेकिन दुधारू पशुओं की भरमार हो गई है। इन्हें पकड़ने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है, मगर नगर निगम सिर्फ नोटिस देकर खानापूरी में लगा है। वहीं अब तक करीब 110 से भी ज्यादा सांड़ पकड़े जा चुके हैं।
शहर में आए दिन छुट्टा पशुओं के बीच लड़ाई की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। पशुबाड़े के लिए अभी तक जमीन की तलाश भी पूरी नहीं हुई है। इससे लोगों में जबरदस्त रोष है। पार्षद भी बोर्ड बैठक में इसे मुद्दा बनाने में लगे हुए हैं। हालांकि समस्या डेयरी संचालकों द्वारा दुधारू पशुओं को छोड़ देने की वजह से भी है। पिछले रिकार्ड पर गौर करें तो शहर में 223 डेयरी चिह्नित किए गए थे। नगर निगम उन्हें नोटिस भेजकर शांत हो गया। इस बीस सांड़ों का आतंक बढ़ने पर फिर डेयरी संचालकों को चिह्नित करने का काम शुरू हुआ है। मगर एक महीने से चल रही कवायद के बाद भी अब तक डेयरी संचालकों को चिह्नित नहीं किया जा सका है। जिससे दुधारू पशुओं और सांड़ों को नियंत्रित करने में नगर निगम के पसीने छूट जा रहे हैं।
पूर्व के ये हैं आंकड़े
कुल 278 डेयरियों में 1758 पशु हैं। इनमें मुख्य रूप से लोहियानगर के 5 डेयरी में 74 पशु, सुभाषनगर के 5 डेयरी में 25 पशु, अलहदादपुर के 6 डेयरी में 42 , झरना टोला के 11 डेयरी में 35, लच्छीपुर के 12 डेयरी में 39, सिविल लाइंस के 6 डेयरी में 50, राप्तीनगर के 8 डेयरी में 44 पशु हैं।
एक दिन में छुट्टा पशुओं को पकड़ने का है प्रावधान
सिटीजन चार्टर के अनुसार शिकायत पर सिर्फ एक दिन में छुट्टा पशुओं को पकड़ने का प्रावधान है। इसमें अगर कोई सांड़ और छुट्टा पशुओं के बारे में शिकायत करता है तो नगर निगम को एक दिन में उन्हें पकड़ना चाहिए। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। शिकायत करने के बावजूद दस से अधिक दिन सांड़ों और छुट्टा पशुओं को पकड़ने में लग जा रहे हैं।
डेयरी संचालकों को चिह्नित किए जाने का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही सभी को चिह्नित कर नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
- स्वर्ण सिंह, सहायक नगर आयुक्त