देश की सभी शाखाओं को ऑनलाइन करने की डाक विभाग की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम हो रहा है। जल्द ही गांव के डाकघरों से मनीऑर्डर भेजा जा सकेगा। गोरखपुर डाक मंडल के 78 में से 70 डाकघरों को कोर बैंकिंग सेवा से जोड़ने का काम लगभग पूरा हो गया है।
डाक विभाग इसकी तैयारियां जोरशोर से कर रहा है। चयनित शाखाओं को अपडेट करने के लिए बाकायदा टीम लगाई गई है। नई व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाया जा सके, इसके लिए कर्मचारियोें के प्रशिक्षण का काम भी चल रहा है। कंप्यूटराइज्ड जमा-निकासी में किसी तरह की परेशानी न आए, इसके लिए कर्मचारियों के अलावा बचत एजेंटों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डाकघर से जुड़े कामों के लिए अब ग्रामीणों को शहर नहीं आना पड़ेगा। बैंकिंग से जुड़े सभी काम गांव के डाकघर से ही हो जाएंगे। इससे दो लाख बचत एवं मासिक आय योजना से जुड़े खाताधारक लाभान्वित होंगे, वहीं पौने दो लाख ऐसे ग्राहकों को लाभ मिलेगा, जो राष्ट्रीय बचत पत्र व किसान विकास पत्र के माध्यम से जुड़े हुए हैं। तैयारियों में कोई कोताही न बरती जाए, इसके लिए अधिकारी निगरानी भी कर रहे हैं।
ये होंगे लाभ
0 किसी भी सीबीएस ब्रांच से हो सकेगी जमा-निकासी
0 एनएससी व किसान विकास पत्र का भुगतान होगा आसान
0 केंद्र सरकार की लाभकारी योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
0 जमा-निकासी के लिए नहीं लगानी पड़ेगी शाखाओं में दौड़
0 डाकघरों को सोलर पैनल भी दिया जाएगा।
गांव के 78 डाकघरों को सेंट्रल सर्वर से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 70 डाकघर को जोड़ा जा चुका है। जल्द ही आठ अन्य को भी जोड़ लिया जाएगा।
देवव्रत त्रिपाठी, प्रवर अधीक्षक डाक